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Kaithal News: आठ जेई और लाइनमैन पर चार्जशीट
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:53 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बिजली निगम ने डिफाल्टर उपभोक्ताओं को बिना बकाया वसूली के दूसरा कनेक्शन जारी करने के मामले में आठ जेई और लाइनमैन को चार्जशीट कर दिया है। इससे पहले इसी मामले में 12 जेई और लाइनमैन पहले ही चार्जशीट किए जा चुके हैं। उच्चाधिकारियों की कार्रवाई पर दूसरे जेई और लाइनमैन की भी चिंता बढ़ गई है।
यह मामला तब सामने आया जब पानीपत समेत प्रदेश के कई जिलों में डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नियमों के खिलाफ दूसरे कनेक्शन जारी किए जाने की शिकायतें मिलीं। इसके बाद एनर्जी ऑडिट की तीन सदस्यीय टीम ने सर्कल कार्यालय में जांच की।
जांच के दौरान कुल 5,571 उपभोक्ताओं की जांच की गई, जिनमें 45 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पाए गए, जबकि तीन उपभोक्ताओं ने पड़ोसी की बिजली सप्लाई से कनेक्शन ले रखा था। वहीं 126 डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नियमों की अनदेखी कर दूसरा कनेक्शन जारी किए जाने का खुलासा हुआ।
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प्रथम दृष्टया जांच में यह सामने आया कि संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से डिफाल्टर उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए गए थे। इसके बाद विभाग ने 12 जेई और लाइनमैन को पहले ही चार्जशीट कर दिया था, जबकि अब शेष मामले में आठ और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
जिले में कुल 43,323 डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर लगभग 128 करोड़ रुपये का बकाया बिल लंबित है। नियमों के अनुसार बकाया राशि की वसूली के बिना नया या दूसरा कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद समालखा डिवीजन में 1, सबअर्बन में 85 और सिटी क्षेत्र में 40 उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन जारी किए गए।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि मामले में कुछ जेई, लाइनमैन और एक कंज्यूमर क्लर्क की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर वित्तीय चार्जशीट भी बनाई गई है।
वर्जन :
डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन जारी किए गए थे। टीम की जांच में जेई और लाइनमैन की मिलीभगत सामने आई थी। आठ जेई और लाइनमैन को चार्जशीट किया गया है। 12 जेई और लाइनमैन को पहले चार्जशीट किए जा चुके हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए हैं। इनसे रिकवरी भी की जाएगी।
आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन डिवीजन।
पानीपत। बिजली निगम ने डिफाल्टर उपभोक्ताओं को बिना बकाया वसूली के दूसरा कनेक्शन जारी करने के मामले में आठ जेई और लाइनमैन को चार्जशीट कर दिया है। इससे पहले इसी मामले में 12 जेई और लाइनमैन पहले ही चार्जशीट किए जा चुके हैं। उच्चाधिकारियों की कार्रवाई पर दूसरे जेई और लाइनमैन की भी चिंता बढ़ गई है।
यह मामला तब सामने आया जब पानीपत समेत प्रदेश के कई जिलों में डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नियमों के खिलाफ दूसरे कनेक्शन जारी किए जाने की शिकायतें मिलीं। इसके बाद एनर्जी ऑडिट की तीन सदस्यीय टीम ने सर्कल कार्यालय में जांच की।
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जांच के दौरान कुल 5,571 उपभोक्ताओं की जांच की गई, जिनमें 45 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पाए गए, जबकि तीन उपभोक्ताओं ने पड़ोसी की बिजली सप्लाई से कनेक्शन ले रखा था। वहीं 126 डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नियमों की अनदेखी कर दूसरा कनेक्शन जारी किए जाने का खुलासा हुआ।
प्रथम दृष्टया जांच में यह सामने आया कि संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से डिफाल्टर उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए गए थे। इसके बाद विभाग ने 12 जेई और लाइनमैन को पहले ही चार्जशीट कर दिया था, जबकि अब शेष मामले में आठ और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
जिले में कुल 43,323 डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर लगभग 128 करोड़ रुपये का बकाया बिल लंबित है। नियमों के अनुसार बकाया राशि की वसूली के बिना नया या दूसरा कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद समालखा डिवीजन में 1, सबअर्बन में 85 और सिटी क्षेत्र में 40 उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन जारी किए गए।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि मामले में कुछ जेई, लाइनमैन और एक कंज्यूमर क्लर्क की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर वित्तीय चार्जशीट भी बनाई गई है।
वर्जन :
डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन जारी किए गए थे। टीम की जांच में जेई और लाइनमैन की मिलीभगत सामने आई थी। आठ जेई और लाइनमैन को चार्जशीट किया गया है। 12 जेई और लाइनमैन को पहले चार्जशीट किए जा चुके हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए हैं। इनसे रिकवरी भी की जाएगी।
आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन डिवीजन।