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Kaithal News: ठंडी हवाओं से फिर बढ़ी ठिठुरन
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 09 Apr 2026 01:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे ठंडी हवाओं के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने ठंडक और बढ़ा दी।
सुबह के समय मौसम सामान्य रहा, लेकिन दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छा गए। कुछ समय के लिए बारिश की संभावना भी बनी, हालांकि देर शाम तक बारिश नहीं हुई। इसके बावजूद ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया, खासकर सुबह और शाम के समय सर्दी का असर अधिक महसूस किया गया।
मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ा है। किसानों के अनुसार इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है और यदि बारिश होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है। लगातार बादल छाए रहने और मौसम के अनिश्चित बने रहने से उनकी चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी है।
बदलते मौसम से गेहूं पर संकट, कटाई पर ब्रेक
कैथल। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल तेज झोंकों के चलते पूरी तरह बिछ गई है, जिससे किसानों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राजौंद में कभी तेज धूप तो कभी बारिश और ठंडी हवाओं के चलते गेहूं की फसल पर संकट मंडरा रहा है। इस समय फसल कटाई के दौर में है, लेकिन नमी और बूंदाबांदी से काम बाधित हो रहा है। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश भी दानों को नुकसान पहुंचा सकती है। भीगने पर गेहूं काला पड़ जाता है और वजन घटने से मंडी में सही भाव नहीं मिल पाता। संवाद
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कैथल। जिले में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे ठंडी हवाओं के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने ठंडक और बढ़ा दी।
सुबह के समय मौसम सामान्य रहा, लेकिन दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छा गए। कुछ समय के लिए बारिश की संभावना भी बनी, हालांकि देर शाम तक बारिश नहीं हुई। इसके बावजूद ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया, खासकर सुबह और शाम के समय सर्दी का असर अधिक महसूस किया गया।
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मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ा है। किसानों के अनुसार इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है और यदि बारिश होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है। लगातार बादल छाए रहने और मौसम के अनिश्चित बने रहने से उनकी चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी है।
बदलते मौसम से गेहूं पर संकट, कटाई पर ब्रेक
कैथल। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल तेज झोंकों के चलते पूरी तरह बिछ गई है, जिससे किसानों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राजौंद में कभी तेज धूप तो कभी बारिश और ठंडी हवाओं के चलते गेहूं की फसल पर संकट मंडरा रहा है। इस समय फसल कटाई के दौर में है, लेकिन नमी और बूंदाबांदी से काम बाधित हो रहा है। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश भी दानों को नुकसान पहुंचा सकती है। भीगने पर गेहूं काला पड़ जाता है और वजन घटने से मंडी में सही भाव नहीं मिल पाता। संवाद