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Kaithal News: गेहूं खरीद टेंडर में लापरवाही पर सीटीएम गुरविंद्र सिंह निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 09 Apr 2026 01:50 AM IST
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सीटीएम गुरविंद्र सिंह।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में गेहूं खरीद और उठान से जुड़े ट्रांसपोर्ट टेंडर में लापरवाही के चलते सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) गुरविंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से यह आदेश उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजा गया। गेहूं खरीद के लिए ट्रांसपोर्ट टेंडर प्रक्रिया में देरी और समय पर औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि इस बार सीटीएम गुरविंद्र सिंह को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन सरकारी खरीद शुरू होने तक वे केवल तीन मंडियों के लिए ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर पाए थे, जिनमें दो सेंटर भी शामिल थे। मामला हाई कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां इस संबंध में तीन सुनवाई हुईं, लेकिन इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट टेंडर का कार्यभार अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुशील कुमार को सौंप दिया था।
प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है, जबकि जिले की आठ प्रमुख मंडियों में से केवल तीन के टेंडर ही हो पाए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव कार्यालय ने मंगलवार को निलंबन के आदेश जारी कर दिए थे।
इस मामले में सीटीएम कार्यालय का पूरा स्टाॅफ मंगलवार को चुपी साधे रहा लेकिन जैसे ही उनके निलंबन की सूचना फैली तो सीटीएम भी अनजान बन गए। उनका कहना है कि उन्हें नहीं मालूम कि उन्हें क्यों निलंबित किया गया है।
निलंबन के आदेश जिस समय भेजे गए, वह उस समय वह कार्यालय से जा चुके थे, इस कारण से उन्हें तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। अगले दिन कार्यालय स्टाफ ने उन्हें ई-मेल के बारे में अवगत कराया।
इस मामले में उपायुक्त अपराजिता ने बताया कि मुख्यालय से सीटीएम गुरविंद्र सिंह के निलंबन के निर्देश प्राप्त हुए हैं। कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं।
ट्रांसपोर्ट टेंडर प्रक्रिया में थे नोडल अधिकारी
रबी सीजन के दौरान जिले के 40 खरीद केंद्रों- जिनमें कैथल, गुहला-चीका, कलायत, राजौंद, पाई और सीवन सहित आठ प्रमुख मंडियां शामिल हैं, के लिए ट्रांसपोर्ट टेंडर की जिम्मेदारी सीटीएम को दी गई थी। समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने और मंडी प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के चलते यह कार्रवाई की गई।
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कैथल। जिले में गेहूं खरीद और उठान से जुड़े ट्रांसपोर्ट टेंडर में लापरवाही के चलते सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) गुरविंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से यह आदेश उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजा गया। गेहूं खरीद के लिए ट्रांसपोर्ट टेंडर प्रक्रिया में देरी और समय पर औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि इस बार सीटीएम गुरविंद्र सिंह को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन सरकारी खरीद शुरू होने तक वे केवल तीन मंडियों के लिए ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर पाए थे, जिनमें दो सेंटर भी शामिल थे। मामला हाई कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां इस संबंध में तीन सुनवाई हुईं, लेकिन इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट टेंडर का कार्यभार अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुशील कुमार को सौंप दिया था।
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प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है, जबकि जिले की आठ प्रमुख मंडियों में से केवल तीन के टेंडर ही हो पाए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव कार्यालय ने मंगलवार को निलंबन के आदेश जारी कर दिए थे।
इस मामले में सीटीएम कार्यालय का पूरा स्टाॅफ मंगलवार को चुपी साधे रहा लेकिन जैसे ही उनके निलंबन की सूचना फैली तो सीटीएम भी अनजान बन गए। उनका कहना है कि उन्हें नहीं मालूम कि उन्हें क्यों निलंबित किया गया है।
निलंबन के आदेश जिस समय भेजे गए, वह उस समय वह कार्यालय से जा चुके थे, इस कारण से उन्हें तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। अगले दिन कार्यालय स्टाफ ने उन्हें ई-मेल के बारे में अवगत कराया।
इस मामले में उपायुक्त अपराजिता ने बताया कि मुख्यालय से सीटीएम गुरविंद्र सिंह के निलंबन के निर्देश प्राप्त हुए हैं। कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं।
ट्रांसपोर्ट टेंडर प्रक्रिया में थे नोडल अधिकारी
रबी सीजन के दौरान जिले के 40 खरीद केंद्रों- जिनमें कैथल, गुहला-चीका, कलायत, राजौंद, पाई और सीवन सहित आठ प्रमुख मंडियां शामिल हैं, के लिए ट्रांसपोर्ट टेंडर की जिम्मेदारी सीटीएम को दी गई थी। समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने और मंडी प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के चलते यह कार्रवाई की गई।