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Kaithal News: राज्य स्तरीय महापंचायत की तैयारियों पर की चर्चा
Mon, 27 Jul 2026 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 27 Jul 2026 02:53 AM IST
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ढांड। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की ओर से जडौला की दलले वाली चौपाल में रविवार को जनसभा आयोजित की गई। जनसभा की अध्यक्षता किसान सूबे सिंह ने की, जबकि मंच संचालन संगठन के जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने किया।
इस दौरान 25 अक्तूबर को रोहतक में प्रस्तावित राज्य स्तरीय महापंचायत की तैयारियों के संबंध में चर्चा की गई। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड सत्यवान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
जिला अध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा ने भी अपने विचार रखे। कामरेड सत्यवान ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से छोटे और सीमांत किसानों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा।
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उनका कहना है कि यदि अमेरिका से दूध एवं दुग्ध उत्पाद, कपास, सोयाबीन, फल, दालें और मक्का जैसे कृषि उत्पाद बिना शुल्क या कम शुल्क पर भारत आएंगे तो भारतीय किसानों के उत्पाद महंगे पड़ेंगे और उनकी बिक्री प्रभावित होगी। इससे किसानों की आय घटेगी और कृषि संकट और गहरा जाएगा। उन्होंने कहा किइस समझौते का लाभ बड़ी कंपनियों को मिलेगा, जबकि छोटे किसान और उत्पादक आर्थिक संकट में फंस जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन की तरह ही एफटीए को रद्द कराने के लिए व्यापक, निरंतर और देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
संगठन ने केंद्र सरकार से किसानों के लिए सी2+50 प्रतिशत लागत के आधार पर सभी फसलों पर कानूनी गारंटी वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने, व्यापक कृषि ऋण माफी, किसानों और दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्याओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी नीतियां बनाने तथा बिजली बिल, बीज बिल-2025 और मनरेगा के स्थान पर लागू किए गए वीबी ग्राम जी अधिनियम को रद्द करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर 25 अक्तूबर को रोहतक में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाओं की समस्याओं पर राज्य स्तरीय महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसे सफल बनाने के लिए गांव-गांव में जनसंपर्क अभियान और जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। संवाद
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इस दौरान 25 अक्तूबर को रोहतक में प्रस्तावित राज्य स्तरीय महापंचायत की तैयारियों के संबंध में चर्चा की गई। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड सत्यवान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
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जिला अध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा ने भी अपने विचार रखे। कामरेड सत्यवान ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से छोटे और सीमांत किसानों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा।
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उनका कहना है कि यदि अमेरिका से दूध एवं दुग्ध उत्पाद, कपास, सोयाबीन, फल, दालें और मक्का जैसे कृषि उत्पाद बिना शुल्क या कम शुल्क पर भारत आएंगे तो भारतीय किसानों के उत्पाद महंगे पड़ेंगे और उनकी बिक्री प्रभावित होगी। इससे किसानों की आय घटेगी और कृषि संकट और गहरा जाएगा। उन्होंने कहा किइस समझौते का लाभ बड़ी कंपनियों को मिलेगा, जबकि छोटे किसान और उत्पादक आर्थिक संकट में फंस जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन की तरह ही एफटीए को रद्द कराने के लिए व्यापक, निरंतर और देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
संगठन ने केंद्र सरकार से किसानों के लिए सी2+50 प्रतिशत लागत के आधार पर सभी फसलों पर कानूनी गारंटी वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने, व्यापक कृषि ऋण माफी, किसानों और दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्याओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी नीतियां बनाने तथा बिजली बिल, बीज बिल-2025 और मनरेगा के स्थान पर लागू किए गए वीबी ग्राम जी अधिनियम को रद्द करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर 25 अक्तूबर को रोहतक में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाओं की समस्याओं पर राज्य स्तरीय महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसे सफल बनाने के लिए गांव-गांव में जनसंपर्क अभियान और जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। संवाद