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Kaithal News: आईटीआई प्रशिक्षुओं के सहारे चल रही 152 बसों की मरम्मत

Mon, 27 Jul 2026 03:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 27 Jul 2026 03:19 AM IST
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Repair of 152 buses being carried out with the help of ITI trainees.
कैथल। रोडवेज डिपो की वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी के कारण 152 बसों के रखरखाव का जिम्मा सीमित स्टाफ पर आ गया है। मैकेनिक और सहायक मैकेनिक के अधिकांश पद वर्षों से खाली पड़े हैं। ऐसे में बसों के इंजन, क्लच प्लेट, गियर बॉक्स, ब्रेक सिस्टम सहित अन्य तकनीकी कार्य आईटीआई प्रशिक्षुओं के सहयोग से पूरे किए जा रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के बावजूद विभाग बसों के नियमित संचालन और रखरखाव की व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
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विभागीय जानकारी के अनुसार रोडवेज वर्कशॉप में मैकेनिक के स्वीकृत 46 पदों में से केवल तीन पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 43 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार सहायक मैकेनिक के 20 स्वीकृत पद पूरी तरह खाली हैं। तकनीकी कर्मचारियों की कमी का असर वर्कशॉप के कार्यों पर पड़ रहा है। एक साथ अधिक बसों में खराबी आने पर मरम्मत कार्य में अतिरिक्त दबाव बन जाता है। छह से सात दिन में भी बस ठीक नहीं हो पा रही है।
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डिपो में वर्तमान में 152 बसों का संचालन हो रहा है। इन बसों की नियमित सर्विसिंग, इंजन की मरम्मत, क्लच प्लेट बदलने, ब्रेक और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए अनुभवी मैकेनिकों की आवश्यकता रहती है। पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण विभाग आईटीआई प्रशिक्षुओं की मदद ले रहा है, जो वरिष्ठ कर्मचारियों के मार्गदर्शन में कार्य सीखने के साथ-साथ मरम्मत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। संवाद
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कर्मचारी बोले—भर्ती करें सरकार
कर्मचारियों ने कहा कि वर्षों से मैकेनिक और सहायक मैकेनिक के पद खाली हैं। सीमित स्टाफ पर सभी बसों की मरम्मत और नियमित सर्विसिंग का जिम्मा है। कई बार एक साथ अधिक बसें खराब होने पर काम का दबाव काफी बढ़ जाता है। सरकार को वर्कशॉप में कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी चाहिए, ताकि बसों की समय पर मरम्मत हो सकें।
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तकनीकी स्टाफ बढ़ाए सरकार
नियमित यात्री राजेंद्र, मनोज का कहना है कि रोडवेज बसें आम लोगों की जीवनरेखा हैं। बसों का सुरक्षित और समय पर संचालन जरूरी है। वर्कशॉप में पर्याप्त मैकेनिक नहीं है। बसों की मरम्मत समय पर नहीं हो रही है। रूटों पर बसें खराब हो जाती है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार को जल्द से जल्द खाली पद भरने चाहिए, ताकि समय पर बसों का संचालन हो सकें।

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वर्कशॉप मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता। प्रत्येक बस की तकनीकी जांच के बाद ही उसे संचालन के लिए भेजा जाता है। वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है तथा रिक्त पदों को भरने का मामला सरकार के स्तर पर विचाराधीन है।
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