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Kaithal News: नीमवाला में बना छह मंजिला घोंसला टावर
Mon, 27 Jul 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 27 Jul 2026 03:07 AM IST
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गांव नीमवाला में बनाया गया घोंसला टावर। संवाद
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राजौंद। गांव नीमवाला गांव निवासी एवं किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के राजौंद ब्लॉक प्रधान मनोज कुमार रापड़िया ने अपने निजी खर्च से करीब 6.50 लाख रुपये की लागत से पक्षियों के लिए छह मंजिला घोंसला टावर बनवाया है।
इस टावर में चिड़ियों, कबूतरों और अन्य पक्षियों के रहने के लिए सैकड़ों छोटे-छोटे घोंसले बनाए गए हैं। इस प्रकार का यह जिले का दूसरा घोंसला टावर है। इससे पहले गांव करोड़ा में इसी तरह का निर्माण किया गया था। नीमवाला में बने इस टावर को तैयार करने के लिए विशेष रूप से गुजरात से मिस्त्री बुलाए गए और निर्माण कार्य पूरा होने में करीब 40 दिन लगे। मनोज कुमार रापड़िया ने बताया कि उन्हें इस पहल की प्रेरणा राजस्थान में बने ऐसे घोंसला टावरों को देखकर मिली। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और पेड़ों की कमी के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास लगातार कम हो रहे हैं।
ऐसे में यह घोंसला टावर गर्मी, सर्दी और बारिश के दौरान पक्षियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराएगा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। यह घोंसला टावर अब क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। संवाद
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इस टावर में चिड़ियों, कबूतरों और अन्य पक्षियों के रहने के लिए सैकड़ों छोटे-छोटे घोंसले बनाए गए हैं। इस प्रकार का यह जिले का दूसरा घोंसला टावर है। इससे पहले गांव करोड़ा में इसी तरह का निर्माण किया गया था। नीमवाला में बने इस टावर को तैयार करने के लिए विशेष रूप से गुजरात से मिस्त्री बुलाए गए और निर्माण कार्य पूरा होने में करीब 40 दिन लगे। मनोज कुमार रापड़िया ने बताया कि उन्हें इस पहल की प्रेरणा राजस्थान में बने ऐसे घोंसला टावरों को देखकर मिली। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और पेड़ों की कमी के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास लगातार कम हो रहे हैं।
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ऐसे में यह घोंसला टावर गर्मी, सर्दी और बारिश के दौरान पक्षियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराएगा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। यह घोंसला टावर अब क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। संवाद
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