{"_id":"6a85fd99a07df98c370894e5","slug":"even-the-alternative-arrangement-of-65-workers-proves-inadequate-piles-of-garbage-litter-the-streets-kaithal-news-c-245-1-kht1013-153970-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: 65 कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था भी नाकाफी, सड़कों पर कूड़े के ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: 65 कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था भी नाकाफी, सड़कों पर कूड़े के ढेर
विज्ञापन
नगर परिषद कार्यालय में ज्ञापन सौंपते निकाय कर्मचारी। विज्ञप्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। निकाय कर्मचारियों की हड़ताल को 14 दिन बीत चुके हैं। सड़कों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने 65 कर्मचारी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया है, लेकिन वो नाकाफी साबित हो रहे हैं।
बुधवार को भी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे नगर परिषद के प्रशासनिक कार्य भी ठप पड़े हैं। कर्मचारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग को मांगों व ठेकेदार के जरिये कार्य कर रहे 160 कर्मचारियों का तीन महीने का बकाया वेतन देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान महेंद्र कुमार बिड़लान ने की जबकि संचालन ब्लॉक सचिव विक्की टांक ने किया। धरना-प्रदर्शन में भारी संख्या में महिला-पुरुष कर्मचारियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
एसकेएस के राज्य वरिष्ठ उप प्रधान जरनैल सिंह, नगरपालिका कर्मचारी संघ राज्य मुख्य संगठन कर्ता व एसकेएस के जिला सचिव शिवचरण ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास ओर सबका विश्वास का नारा देने वाली भाजपा की राज्य सरकार की ओर से सफाई, सीवर फायर व दफ्तर के कर्मचारियों के साथ बार-बार वादा खिलाफी व भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है, जिसके कारण इन्हें बार-बार आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस मौके पर राज कुमार मंचल, जगदीश कुमार, सुमेश राणा, पंकज गिल, सूरज सहोत्रा, मुकेश कुमार प्रेमी, सुखा नौच, अमित कुमार क्योड़क आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगे
प्रदर्शन में यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने अपने 12 साल के कार्यकाल में आज तक एक भी सफाई, सीवर व फायर के कर्मचारी पक्का नहीं किया, जिससे भाजपा सरकार की मानसिकता साफ तौर पर झलकती है। मुख्य मांगों पर अपने संबोधन में बोलते हुए कहा कि पालिकाओं, परिषदों व नगर नियमों में सभी प्रकार के ठेके समाप्त करके कर्मचारियों को विभाग के रोल पर किया जाए, 2 साल की पॉलिसी बनकर सभी कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जब तक पक्के नहीं किए जाते तब तक समान काम समान वेतन लागू किया जाए, सफाई सीवर व फायर के कर्मचारियों को जोखिम पूर्ण कार्य के लिए प्रति माह 5 हजार रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए। पुरानी पेंशन व 2006 वाली एक्स एग्रेसिया पॉलिसी बहल की जाए और जब तक मांगे पूरी नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
कैथल। निकाय कर्मचारियों की हड़ताल को 14 दिन बीत चुके हैं। सड़कों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने 65 कर्मचारी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया है, लेकिन वो नाकाफी साबित हो रहे हैं।
बुधवार को भी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे नगर परिषद के प्रशासनिक कार्य भी ठप पड़े हैं। कर्मचारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग को मांगों व ठेकेदार के जरिये कार्य कर रहे 160 कर्मचारियों का तीन महीने का बकाया वेतन देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान महेंद्र कुमार बिड़लान ने की जबकि संचालन ब्लॉक सचिव विक्की टांक ने किया। धरना-प्रदर्शन में भारी संख्या में महिला-पुरुष कर्मचारियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
विज्ञापन
एसकेएस के राज्य वरिष्ठ उप प्रधान जरनैल सिंह, नगरपालिका कर्मचारी संघ राज्य मुख्य संगठन कर्ता व एसकेएस के जिला सचिव शिवचरण ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास ओर सबका विश्वास का नारा देने वाली भाजपा की राज्य सरकार की ओर से सफाई, सीवर फायर व दफ्तर के कर्मचारियों के साथ बार-बार वादा खिलाफी व भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है, जिसके कारण इन्हें बार-बार आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस मौके पर राज कुमार मंचल, जगदीश कुमार, सुमेश राणा, पंकज गिल, सूरज सहोत्रा, मुकेश कुमार प्रेमी, सुखा नौच, अमित कुमार क्योड़क आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगे
प्रदर्शन में यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने अपने 12 साल के कार्यकाल में आज तक एक भी सफाई, सीवर व फायर के कर्मचारी पक्का नहीं किया, जिससे भाजपा सरकार की मानसिकता साफ तौर पर झलकती है। मुख्य मांगों पर अपने संबोधन में बोलते हुए कहा कि पालिकाओं, परिषदों व नगर नियमों में सभी प्रकार के ठेके समाप्त करके कर्मचारियों को विभाग के रोल पर किया जाए, 2 साल की पॉलिसी बनकर सभी कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जब तक पक्के नहीं किए जाते तब तक समान काम समान वेतन लागू किया जाए, सफाई सीवर व फायर के कर्मचारियों को जोखिम पूर्ण कार्य के लिए प्रति माह 5 हजार रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए। पुरानी पेंशन व 2006 वाली एक्स एग्रेसिया पॉलिसी बहल की जाए और जब तक मांगे पूरी नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा।