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Kaithal News: ढांड में पाॅलिथीन से दाना बनाने की मशीन स्थापित
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ढांड ब्लॉक में रखी पॉलीथिन से दाना बनाने की मशीन। संवाद
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विक्रम पूनिया
कैथल। ग्रामीण क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी समस्या बने प्लास्टिक व पाॅलिथीन को प्रशासन कमाई का जरिया बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। ढांड ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के तहत पॉलिथिन से दाना बनाने की मशीन स्थापित की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ये जिले की पहली मशीन है जो ढांड में लगने जा रही है।
ये ढांड में कामयाब रही तो फिर हर सभी सात ब्लॉकों में ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी। मशीन के लिए अब सिर्फ बिजली कनेक्शन बाकी है। कनेक्शन मिलते ही मशीन से दाना तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा। पंचायतों से एकत्रित पाॅलिथीन को मशीन में प्रोसेस कर उपयोगी दाने में बदला जाएगा, जिसे आगे पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंपा जाएगा और इसका सड़क निर्माण सहित अन्य कार्यों में इस्तेमाल करने की योजना है।
ढांड ब्लॉक जिले में सबसे छोटे ब्लॉक में शामिल है। यहां सिर्फ 27 ग्राम पंचायते हैं और जिनमें से 24 ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर कचरा इक्ट्ठा किया जा रहा है। इतना ही नहीं 27 में से 25 ग्राम पंचायतों में कचरा शेड बनाए जा चुके हैं।
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2 हजार किलो पाॅलिथीन हो चुका इक्ट्ठा : ढांड ब्लॉक के गांव से अब तक करीब 2 हजार किलो पाॅलिथीन पहले ही इक्ट्ठा किया जा चुका है। हालांकि प्लास्टिक जो है वो ब्लॉक स्तर तक नहीं पहुंच रहा है क्योंकि वो ग्राम पंचायतों में हाथों हाथ बिक जाता है। पाॅलिथीन को सीधे दाने में बदलने के बजाय मशीन में चार चरणों से गुजारा जाएगा। संवाद
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कैथल। ग्रामीण क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी समस्या बने प्लास्टिक व पाॅलिथीन को प्रशासन कमाई का जरिया बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। ढांड ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के तहत पॉलिथिन से दाना बनाने की मशीन स्थापित की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ये जिले की पहली मशीन है जो ढांड में लगने जा रही है।
ये ढांड में कामयाब रही तो फिर हर सभी सात ब्लॉकों में ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी। मशीन के लिए अब सिर्फ बिजली कनेक्शन बाकी है। कनेक्शन मिलते ही मशीन से दाना तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा। पंचायतों से एकत्रित पाॅलिथीन को मशीन में प्रोसेस कर उपयोगी दाने में बदला जाएगा, जिसे आगे पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंपा जाएगा और इसका सड़क निर्माण सहित अन्य कार्यों में इस्तेमाल करने की योजना है।
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ढांड ब्लॉक जिले में सबसे छोटे ब्लॉक में शामिल है। यहां सिर्फ 27 ग्राम पंचायते हैं और जिनमें से 24 ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर कचरा इक्ट्ठा किया जा रहा है। इतना ही नहीं 27 में से 25 ग्राम पंचायतों में कचरा शेड बनाए जा चुके हैं।
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2 हजार किलो पाॅलिथीन हो चुका इक्ट्ठा : ढांड ब्लॉक के गांव से अब तक करीब 2 हजार किलो पाॅलिथीन पहले ही इक्ट्ठा किया जा चुका है। हालांकि प्लास्टिक जो है वो ब्लॉक स्तर तक नहीं पहुंच रहा है क्योंकि वो ग्राम पंचायतों में हाथों हाथ बिक जाता है। पाॅलिथीन को सीधे दाने में बदलने के बजाय मशीन में चार चरणों से गुजारा जाएगा। संवाद

ढांड ब्लॉक में रखी पॉलीथिन से दाना बनाने की मशीन। संवाद