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Kaithal News: सिंचाई के संकट से जूझ रहे पाई के किसान
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पाई क्षेत्र में जमा हुआ गंदा पानी।
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पाई। गांव पाई के किसानों के खेतों तक नहरी पानी न पहुंचने के कारण किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव पिलनी रजबाहे से पाई गांव के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी तो आवंटित है लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से ड्रेन और साइफन के निर्माण में बरती गई खामियों के कारण पानी का स्वाभाविक बहाव पूरी तरह से रुक गया है। इस गलत जल स्तर की वजह से किसानों को सिंचाई के संकट से जूझना पड़ रहा है।
किसान दीपक, सोनू, गुरुदेव, परमाल सिंह, परमाल सिंह, बिंदर, ओमप्रकाश, चरणसिंह और भोलू आदि ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि साइफन का स्तर सही न होने के कारण पाई और पिलणी गांव का दूषित व गंदा पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। यह गंदा पानी केवल तीन से चार एकड़ के सीमित दायरे में ही जमा हो रहा है। गंदे पानी का जलस्तर लगातार ऊपर उठने के कारण अब यह पिलनी रजबाहे के स्वच्छ पानी में मिल रहा है जिससे नहरी पानी भी पूरी तरह प्रदूषित होने की कगार पर है।
गंदे पानी से सिंचाई की तो होगा भारी नुकसान
किसानों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि इस समय धान व अन्य फसलें खेतों में फूटाव (ग्रोथ स्टेज) पर हैं। इस नाजुक मोड़ पर फसलों को साफ और पर्याप्त पानी की सख्त जरूरत होती है। यदि सिंचाई विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाए और किसानों को मजबूरी में इसी दूषित पानी से फसलों की सिंचाई करनी पड़ी, तो धान और अन्य नकदी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगी। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा जिसकी भरपाई नामुमकिन होगी।
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किसान दीपक, सोनू, गुरुदेव, परमाल सिंह, परमाल सिंह, बिंदर, ओमप्रकाश, चरणसिंह और भोलू आदि ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि साइफन का स्तर सही न होने के कारण पाई और पिलणी गांव का दूषित व गंदा पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। यह गंदा पानी केवल तीन से चार एकड़ के सीमित दायरे में ही जमा हो रहा है। गंदे पानी का जलस्तर लगातार ऊपर उठने के कारण अब यह पिलनी रजबाहे के स्वच्छ पानी में मिल रहा है जिससे नहरी पानी भी पूरी तरह प्रदूषित होने की कगार पर है।
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गंदे पानी से सिंचाई की तो होगा भारी नुकसान
किसानों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि इस समय धान व अन्य फसलें खेतों में फूटाव (ग्रोथ स्टेज) पर हैं। इस नाजुक मोड़ पर फसलों को साफ और पर्याप्त पानी की सख्त जरूरत होती है। यदि सिंचाई विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाए और किसानों को मजबूरी में इसी दूषित पानी से फसलों की सिंचाई करनी पड़ी, तो धान और अन्य नकदी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगी। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा जिसकी भरपाई नामुमकिन होगी।

पाई क्षेत्र में जमा हुआ गंदा पानी।
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