{"_id":"6a330fc54a43fd07d9048681","slug":"fertilizer-will-now-be-available-only-after-booking-via-the-app-kaithal-news-c-244-1-sknl1016-159115-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: अब एप पर बुकिंग के बाद ही मिलेगी खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: अब एप पर बुकिंग के बाद ही मिलेगी खाद
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब खाद खरीदने के लिए किसानों को मोबाइल एप पर पहले पंजीकरण कर अग्रिम बुकिंग करनी होगी। फिलहाल रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल नाम से पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया है, जिसे जल्द ही अन्य जिलों में भी विस्तार देने की तैयारी है।
नई व्यवस्था के तहत किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। जिन किसानों की किसान आईडी पहले से एग्रीस्टैक पोर्टल पर बनी हुई है, उनकी भूमि की जानकारी स्वतः एप पर उपलब्ध होगी। अन्य किसानों को अपनी भूमि का विवरण दर्ज कराना होगा, जिसका संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। पंजीकरण के लिए आधार नंबर अनिवार्य किया गया है।
किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की मात्रा एप में दर्ज कर अग्रिम बुकिंग करनी होगी। बुकिंग पूरी होने पर उन्हें एक क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी किया जाएगा। इसके बाद उर्वरक विक्रेता पीओएस मशीन के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही खाद उपलब्ध कराएंगे। इस व्यवस्था से उर्वरकों के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।
विज्ञापन
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं या स्वयं सहायता समूहों की सहायता से भी बुकिंग कर सकेंगे।
वर्जन
जिले में पायलट प्रोजेक्ट लागू करने को लेकर कृषि विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान खाद के लिए अग्रिम बुकिंग कर सकेगा और 72 घंटे के भीतर निर्धारित दुकान से उर्वरक प्राप्त कर सकेगा।
- डॉ. देवेंद्र कुहाड़, उपमंडल अधिकारी, कृषि विभाग, पानीपत।
पानीपत। किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब खाद खरीदने के लिए किसानों को मोबाइल एप पर पहले पंजीकरण कर अग्रिम बुकिंग करनी होगी। फिलहाल रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल नाम से पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया है, जिसे जल्द ही अन्य जिलों में भी विस्तार देने की तैयारी है।
नई व्यवस्था के तहत किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। जिन किसानों की किसान आईडी पहले से एग्रीस्टैक पोर्टल पर बनी हुई है, उनकी भूमि की जानकारी स्वतः एप पर उपलब्ध होगी। अन्य किसानों को अपनी भूमि का विवरण दर्ज कराना होगा, जिसका संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। पंजीकरण के लिए आधार नंबर अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की मात्रा एप में दर्ज कर अग्रिम बुकिंग करनी होगी। बुकिंग पूरी होने पर उन्हें एक क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी किया जाएगा। इसके बाद उर्वरक विक्रेता पीओएस मशीन के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही खाद उपलब्ध कराएंगे। इस व्यवस्था से उर्वरकों के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं या स्वयं सहायता समूहों की सहायता से भी बुकिंग कर सकेंगे।
वर्जन
जिले में पायलट प्रोजेक्ट लागू करने को लेकर कृषि विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान खाद के लिए अग्रिम बुकिंग कर सकेगा और 72 घंटे के भीतर निर्धारित दुकान से उर्वरक प्राप्त कर सकेगा।
- डॉ. देवेंद्र कुहाड़, उपमंडल अधिकारी, कृषि विभाग, पानीपत।