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Kaithal News: शराब कांड में पूर्व जेल अधीक्षक ने किया सरेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका (कैथल)/कुरुक्षेत्र। यमुनानगर के चर्चित जहरीली शराब कांड में करीब एक साल से फरार चल रहे कुरुक्षेत्र जिला जेल के पूर्व अधीक्षक सोमनाथ जगत ने मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सोमनाथ जगत पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। पुलिस अब उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर मामले में पूछताछ करेगी।
यह मामला नवंबर 2023 में यमुनानगर और अंबाला में हुए जहरीली शराब कांड से जुड़ा है, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में खुलासा हुआ था कि इस कारोबार का नेटवर्क कुरुक्षेत्र जेल के अंदर से संचालित हो रहा था। गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा और उसका साथी अंकित उर्फ मोगली जेल के भीतर से ही पूरे रैकेट को चला रहे थे।
पूछताछ में सामने आया कि जेल के अंदर मोबाइल फोन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं, जिनके जरिए अवैध शराब का नेटवर्क संचालित होता था। पुलिस जांच के अनुसार अंबाला के एक गांव में स्थित अवैध फैक्टरी से जहरीली शराब की सप्लाई की जाती थी। सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जेल परिसर में ही नष्ट कर दिया गया था।
इस मामले में पहले ही जेल के सहायक अधीक्षक अश्विनी और वार्डर किशोरी को गिरफ्तार किया जा चुका है। यमुनानगर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गंगा राम पूनिया की शिकायत पर कुरुक्षेत्र के शहर थाने में केस दर्ज किया गया था।
फरारी के दौरान स्टेट क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। उसकी अग्रिम जमानत याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी।
सोमनाथ जगत गुहला के पूर्व
विधायक दिल्लू राम बाजीगर का पुत्र है और नौकरी से पहले राजनीति में भी सक्रिय रहा है। उप पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि
सोमनाथ के आत्मसमर्पण के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि जेल में रहते हुए आरोपियों को किस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं।
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गुहला-चीका (कैथल)/कुरुक्षेत्र। यमुनानगर के चर्चित जहरीली शराब कांड में करीब एक साल से फरार चल रहे कुरुक्षेत्र जिला जेल के पूर्व अधीक्षक सोमनाथ जगत ने मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सोमनाथ जगत पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। पुलिस अब उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर मामले में पूछताछ करेगी।
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यह मामला नवंबर 2023 में यमुनानगर और अंबाला में हुए जहरीली शराब कांड से जुड़ा है, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में खुलासा हुआ था कि इस कारोबार का नेटवर्क कुरुक्षेत्र जेल के अंदर से संचालित हो रहा था। गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा और उसका साथी अंकित उर्फ मोगली जेल के भीतर से ही पूरे रैकेट को चला रहे थे।
पूछताछ में सामने आया कि जेल के अंदर मोबाइल फोन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं, जिनके जरिए अवैध शराब का नेटवर्क संचालित होता था। पुलिस जांच के अनुसार अंबाला के एक गांव में स्थित अवैध फैक्टरी से जहरीली शराब की सप्लाई की जाती थी। सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जेल परिसर में ही नष्ट कर दिया गया था।
इस मामले में पहले ही जेल के सहायक अधीक्षक अश्विनी और वार्डर किशोरी को गिरफ्तार किया जा चुका है। यमुनानगर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गंगा राम पूनिया की शिकायत पर कुरुक्षेत्र के शहर थाने में केस दर्ज किया गया था।
फरारी के दौरान स्टेट क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। उसकी अग्रिम जमानत याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी।
सोमनाथ जगत गुहला के पूर्व
विधायक दिल्लू राम बाजीगर का पुत्र है और नौकरी से पहले राजनीति में भी सक्रिय रहा है। उप पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि
सोमनाथ के आत्मसमर्पण के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि जेल में रहते हुए आरोपियों को किस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं।