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Kaithal News: स्कूलों में किताब न पहुंचने तक मुखियाओं को शाम सात बजे तक देनी होगी ड्यूटी
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 30 Mar 2026 02:49 AM IST
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कैथल। जब तक स्कूलों में बच्चों के लिए किताबों के सेट नहीं पहुंचेगे, तब तक शाम सात बजे तक स्कूल मुखियाओं को ड्यूटी देनी होगी। जैसे ही पुस्तकें स्कूलों में पहुंचती हैं उन सभी आने वाली किताबों के सेट स्वयं प्राप्त करने होंगे। अगर किसी कारणवश स्कूल मुखिया उपलब्ध नहीं हो सकते हैं, तो ऐसी स्थिति में अन्य प्रतिनिधि ड्यूटी देंगे। ये जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने दी।
उन्होंने बताया कि शिक्षा निदेशालय के अनुसार पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए मिलने वाली निशुल्क एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों की छपाई का कार्य पूरा हो चुका है। पुस्तकों को नए सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी जोरों पर हैं। जब तक सभी स्कूलों में किताबों की डिलीवरी नहीं हो जाती, तब तक स्कूल मुखियाओं को प्रतिदिन निर्धारित समय तक स्कूल में मौजूद रहना होगा। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किताबों के सेट पहुंचने पर स्कूल मुखिया या प्रतिनिधि को सेट प्राप्त कर हस्ताक्षर करने होंगे, ताकि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ न हो सके।
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बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो
शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार पुस्तकें पहले उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। समय पर किताबें मिलने से पढ़ाई की शुरुआत सुचारु रूप से हो सकेगी और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्कूलों को भी वितरण संबंधी सभी तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को समय पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हों सकें, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी स्कूल मुखियाओं को विशेष निर्देश देते हुए ड्यूटी लगा दी है।
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नई व पुरानी किताबों की लिस्ट बनानी होगी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला स्तर पर निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किया है। प्रत्येक विद्यालय में एक टीम गठित की जाएगी, जो पुस्तकों के संग्रह व वितरण की पूरी प्रक्रिया को संभालेगी। शिक्षा विभाग की ओर से किस ब्लाक के किस स्कूल से कितने विद्यार्थियों ने पुस्तकें जमा करवाई हैं इसका सारा रिकार्ड स्कूल मुखिया से लेकर खंड अधिकारी व विभाग में भी रखा जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। कितनी नई व कितनी पुरानी बंटी हैं उनकी लिस्ट बनानी होगी। नई पुस्तकों की सप्लाई स्कूलों तक पहुंचने से पहले शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा विभाग के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि नए सत्र से पहले सभी स्कूल मुखिया अपने विद्यार्थियों से पुस्तकें जमा करवा लेवें। जो अच्छी स्थिति की होगी उनको विद्यार्थियों में वितरित कर दी जाएंगी। संवाद
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वर्जन
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने बताया कि नए सत्र शुरू होने से पहले ही जिले के सभी स्कूलों में नई पुस्तकें पहुंचा दी जाएगी। इनको लेने की जिम्मेदारी लगा दी गई हैं।
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उन्होंने बताया कि शिक्षा निदेशालय के अनुसार पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए मिलने वाली निशुल्क एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों की छपाई का कार्य पूरा हो चुका है। पुस्तकों को नए सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी जोरों पर हैं। जब तक सभी स्कूलों में किताबों की डिलीवरी नहीं हो जाती, तब तक स्कूल मुखियाओं को प्रतिदिन निर्धारित समय तक स्कूल में मौजूद रहना होगा। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किताबों के सेट पहुंचने पर स्कूल मुखिया या प्रतिनिधि को सेट प्राप्त कर हस्ताक्षर करने होंगे, ताकि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ न हो सके।
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बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो
शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार पुस्तकें पहले उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। समय पर किताबें मिलने से पढ़ाई की शुरुआत सुचारु रूप से हो सकेगी और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्कूलों को भी वितरण संबंधी सभी तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को समय पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हों सकें, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी स्कूल मुखियाओं को विशेष निर्देश देते हुए ड्यूटी लगा दी है।
नई व पुरानी किताबों की लिस्ट बनानी होगी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला स्तर पर निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किया है। प्रत्येक विद्यालय में एक टीम गठित की जाएगी, जो पुस्तकों के संग्रह व वितरण की पूरी प्रक्रिया को संभालेगी। शिक्षा विभाग की ओर से किस ब्लाक के किस स्कूल से कितने विद्यार्थियों ने पुस्तकें जमा करवाई हैं इसका सारा रिकार्ड स्कूल मुखिया से लेकर खंड अधिकारी व विभाग में भी रखा जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। कितनी नई व कितनी पुरानी बंटी हैं उनकी लिस्ट बनानी होगी। नई पुस्तकों की सप्लाई स्कूलों तक पहुंचने से पहले शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा विभाग के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि नए सत्र से पहले सभी स्कूल मुखिया अपने विद्यार्थियों से पुस्तकें जमा करवा लेवें। जो अच्छी स्थिति की होगी उनको विद्यार्थियों में वितरित कर दी जाएंगी। संवाद
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जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने बताया कि नए सत्र शुरू होने से पहले ही जिले के सभी स्कूलों में नई पुस्तकें पहुंचा दी जाएगी। इनको लेने की जिम्मेदारी लगा दी गई हैं।