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Kaithal News: डिलीवरी के बाद मौत, लापरवाही के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
परिजन राधा स्वामी, निवासी रुकमिन ने बताया कि उनकी पुत्रवधु पिंकी गर्भवती थी। डिलीवरी पेन होने पर उन्हें पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि पेट में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी और महिला को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी बताकर प्राइवेट कंसल अस्पताल भेज दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि यदि यह वास्तव में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी थी, तो महिला को चंडीगढ़ या करनाल रेफर करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर ने बार-बार कंसल अस्पताल जाने का दबाव बनाया, जिससे मजबूरी में महिला को वहीं ले जाना पड़ा।राधा स्वामी ने आगे बताया कि बच्चे की मौत के बाद जब वे उसे दफनाने गए, तो उनकी बहू पिंकी को अस्पताल का स्टाफ सरकारी अस्पताल में छोड़ गया। उन्होंने कहा कि पिंकी की मौत प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई। डायल-112 के पुलिस कर्मी राम कुमार ने बताया कि वे सूचना पर आए थे। परिजन अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। संबंधित थाना को भी इसकी जानकारी दी गई है।
बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी थी ः डॉ. मोनिका
कंसल अस्पताल की संचालिका एवं महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका कंसल ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपों को नकार दिया। उनका कहना है कि महिला के पेट में पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी।
डॉ. मोनिका ने बताया कि डिलीवरी के बाद महिला की ब्लीडिंग नहीं रुकी, जिसके कारण आपरेशन कर बच्चेदानी निकालनी पड़ी। इसके बाद भी महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ, इसलिए उन्हें सरकारी अस्पताल भेजा गया। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों से कोई पैसे पहले नहीं लिए गए और आरोप झूठे हैं।
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कैथल। शहर के एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
परिजन राधा स्वामी, निवासी रुकमिन ने बताया कि उनकी पुत्रवधु पिंकी गर्भवती थी। डिलीवरी पेन होने पर उन्हें पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि पेट में ही बच्चे की मौत हो चुकी थी और महिला को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी बताकर प्राइवेट कंसल अस्पताल भेज दिया गया।
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परिजनों का आरोप है कि यदि यह वास्तव में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी थी, तो महिला को चंडीगढ़ या करनाल रेफर करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर ने बार-बार कंसल अस्पताल जाने का दबाव बनाया, जिससे मजबूरी में महिला को वहीं ले जाना पड़ा।राधा स्वामी ने आगे बताया कि बच्चे की मौत के बाद जब वे उसे दफनाने गए, तो उनकी बहू पिंकी को अस्पताल का स्टाफ सरकारी अस्पताल में छोड़ गया। उन्होंने कहा कि पिंकी की मौत प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई। डायल-112 के पुलिस कर्मी राम कुमार ने बताया कि वे सूचना पर आए थे। परिजन अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। संबंधित थाना को भी इसकी जानकारी दी गई है।
बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी थी ः डॉ. मोनिका
कंसल अस्पताल की संचालिका एवं महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका कंसल ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपों को नकार दिया। उनका कहना है कि महिला के पेट में पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी।
डॉ. मोनिका ने बताया कि डिलीवरी के बाद महिला की ब्लीडिंग नहीं रुकी, जिसके कारण आपरेशन कर बच्चेदानी निकालनी पड़ी। इसके बाद भी महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ, इसलिए उन्हें सरकारी अस्पताल भेजा गया। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों से कोई पैसे पहले नहीं लिए गए और आरोप झूठे हैं।