{"_id":"69640551ae514e5bc9041aa3","slug":"open-court-held-in-guhla-103-transfers-approved-kaithal-news-c-18-1-knl1004-821919-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: गुहला में लगा खुला दरबार, 103 इंतकालों को दी मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: गुहला में लगा खुला दरबार, 103 इंतकालों को दी मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। हरियाणा सरकार के निर्देश और डीसी अपराजिता के मार्गदर्शन में रविवार को गुहला तहसील परिसर में लंबित इंतकालों के त्वरित समाधान के लिए विशेष खुला दरबार आयोजित किया गया। इस दरबार में कुल 103 इंतकालों को मौके पर ही मंजूरी प्रदान की गई। खुले दरबार में आए लोगों ने पहल को सराहा।
जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य लंबित इंतकालों का शीघ्र निपटारा करना था। संबंधित पटवारियों और कानूनगो को रिकॉर्ड के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे, ताकि दस्तावेजों की मौके पर सत्यापन कर तुरंत मंजूरी दी जा सके।
मंजूर किए गए इंतकालों के साथ ही उनके भू-अभिलेख अपडेट कर दिए गए, जिससे मालिकों को जमीन की खरीद-फरोख्त और बैंक लोन लेने में आसानी होगी। अधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है “जीरो पेंडेंसी” सुनिश्चित करना।
खुले दरबार में आए लोगों ने इस पहल की सराहना की। कई लाभार्थियों ने बताया कि उनके इंतकाल लंबे समय से रुके हुए थे, जो इस कार्यक्रम में कुछ ही
घंटों में पूरे हो गए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि आमजन को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न हो।
Trending Videos
गुहला-चीका। हरियाणा सरकार के निर्देश और डीसी अपराजिता के मार्गदर्शन में रविवार को गुहला तहसील परिसर में लंबित इंतकालों के त्वरित समाधान के लिए विशेष खुला दरबार आयोजित किया गया। इस दरबार में कुल 103 इंतकालों को मौके पर ही मंजूरी प्रदान की गई। खुले दरबार में आए लोगों ने पहल को सराहा।
जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य लंबित इंतकालों का शीघ्र निपटारा करना था। संबंधित पटवारियों और कानूनगो को रिकॉर्ड के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे, ताकि दस्तावेजों की मौके पर सत्यापन कर तुरंत मंजूरी दी जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंजूर किए गए इंतकालों के साथ ही उनके भू-अभिलेख अपडेट कर दिए गए, जिससे मालिकों को जमीन की खरीद-फरोख्त और बैंक लोन लेने में आसानी होगी। अधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है “जीरो पेंडेंसी” सुनिश्चित करना।
खुले दरबार में आए लोगों ने इस पहल की सराहना की। कई लाभार्थियों ने बताया कि उनके इंतकाल लंबे समय से रुके हुए थे, जो इस कार्यक्रम में कुछ ही
घंटों में पूरे हो गए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि आमजन को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न हो।