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Kaithal News: हल्की बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, किसानों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सोमवार को दिन भर तेज धूप से परेशान लोगों को शाम की हल्की बारिश ने राहत दी। अचानक मौसम बदला, आसमान में काले बादल छा गए और ठंडी हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
शहर के पार्कों और बाजारों में लोग सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए। दिन में गर्मी से बेहाल लोग शाम को ठंडी हवा और हल्की बारिश का लुत्फ उठाते दिखे। हालांकि, जहां आमजन के लिए यह मौसम राहत लेकर आया, वहीं किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है।
खेतों में गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है। कई स्थानों पर कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ जगह फसल कटने के बिल्कुल करीब है। ऐसे समय में बारिश और तेज हवाएं फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
खेतों में फसल बिछने का खतरा : किसान जसबीर और महेंद्र का कहना है कि यदि बारिश तेज हुई या ओले गिरे, तो गेहूं की बालियां खराब हो सकती हैं और दाना छोटा रह सकता है।
सबसे बड़ा खतरा फसल के खेतों में बिछ जाने का है। तेज हवा के साथ बारिश होने पर फसल जमीन पर गिर जाती है, जिससे कटाई में दिक्कत आती है और उत्पादन पर असर पड़ता है।
इसी प्रकार किसान अनिल ने बताया कि सरसों की कटाई शुरू हो गई है। आगामी दस दिन में गेहूं की कटाई भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में बार-बार बूंदाबांदी होने से फसलों का नुकसान हो सकता है। इससे खेतों में कटी सरसों की फसल भीग जाएगी। फिर सरसों को सुखाने में समय लगेगा और उसकी क्षमता कम होगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसी प्रकार यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा। फिलहाल आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है
और तेज हवा चलने से गर्मी परेशान कम कर रही है।
जिन खेतों में फसल कट चुकी है, उसे सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। साथ ही फिलहाल सिंचाई और उर्वरकों का प्रयोग बंद कर दें।
-डॉ. रमेश चंद्र, कृषि विशेषज्ञ
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कैथल। सोमवार को दिन भर तेज धूप से परेशान लोगों को शाम की हल्की बारिश ने राहत दी। अचानक मौसम बदला, आसमान में काले बादल छा गए और ठंडी हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
शहर के पार्कों और बाजारों में लोग सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए। दिन में गर्मी से बेहाल लोग शाम को ठंडी हवा और हल्की बारिश का लुत्फ उठाते दिखे। हालांकि, जहां आमजन के लिए यह मौसम राहत लेकर आया, वहीं किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है।
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खेतों में गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है। कई स्थानों पर कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ जगह फसल कटने के बिल्कुल करीब है। ऐसे समय में बारिश और तेज हवाएं फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
खेतों में फसल बिछने का खतरा : किसान जसबीर और महेंद्र का कहना है कि यदि बारिश तेज हुई या ओले गिरे, तो गेहूं की बालियां खराब हो सकती हैं और दाना छोटा रह सकता है।
सबसे बड़ा खतरा फसल के खेतों में बिछ जाने का है। तेज हवा के साथ बारिश होने पर फसल जमीन पर गिर जाती है, जिससे कटाई में दिक्कत आती है और उत्पादन पर असर पड़ता है।
इसी प्रकार किसान अनिल ने बताया कि सरसों की कटाई शुरू हो गई है। आगामी दस दिन में गेहूं की कटाई भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में बार-बार बूंदाबांदी होने से फसलों का नुकसान हो सकता है। इससे खेतों में कटी सरसों की फसल भीग जाएगी। फिर सरसों को सुखाने में समय लगेगा और उसकी क्षमता कम होगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसी प्रकार यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा। फिलहाल आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है
और तेज हवा चलने से गर्मी परेशान कम कर रही है।
जिन खेतों में फसल कट चुकी है, उसे सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। साथ ही फिलहाल सिंचाई और उर्वरकों का प्रयोग बंद कर दें।
-डॉ. रमेश चंद्र, कृषि विशेषज्ञ