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Kaithal News: हनुमान जन्मोत्सव पर लिया सेवा का संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 02 Apr 2026 01:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हनुमान जन्मोत्सव पर बच्चों में भगवान हनुमान के प्रति विशेष आस्था और उत्साह देखने को मिला। इस दौरान बच्चों से बातचीत में यह सामने आया कि हनुमान जी का जीवन उनके लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि प्रेरणा का एक जीवंत स्रोत है।
बच्चों ने कहा कि हनुमान जी के साहस, निस्वार्थ सेवा, विनम्रता और समर्पण जैसे गुण उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि हनुमान जी ने कभी भी कठिन परिस्थितियों से घबराकर पीछे हटना नहीं सीखा। चाहे समुद्र लांघने की चुनौती हो या लंका जाकर माता सीता की खोज, उन्होंने हर कार्य आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ पूरा किया।
छात्रा जन्नत ने कहा कि हनुमान जी से उसे साहस और डर पर विजय पाना सीखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी हनुमान जी ने कभी हार नहीं मानी और हमेशा आगे बढ़ते रहे।
छात्रा पायल के अनुसार, हनुमान जी ने अपने गुरु भगवान सूर्य का हमेशा सम्मान किया, जिससे यह सीख मिलती है कि हमें अपने गुरु और बड़ों का आदर करना चाहिए। उनके अनुसार, जो व्यक्ति अपने गुरुजनों का सम्मान नहीं करता, वह जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता।
छात्रा मानवी ने कहा कि हनुमान जी की तरह हमें भी हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि सच्चाई के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी भयभीत नहीं होता और भगवान भी उसकी सहायता करते हैं।
छात्रा अक्षमा ने कहा कि हनुमान जी से उन्हें विनम्रता और सच्ची भक्ति की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि अपार शक्ति के बावजूद हनुमान जी ने कभी अहंकार नहीं किया और भगवान श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण भाव रखा। यह हमें सिखाता है कि जीवन में विनम्रता बनाए रखना जरूरी है।
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कैथल। हनुमान जन्मोत्सव पर बच्चों में भगवान हनुमान के प्रति विशेष आस्था और उत्साह देखने को मिला। इस दौरान बच्चों से बातचीत में यह सामने आया कि हनुमान जी का जीवन उनके लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि प्रेरणा का एक जीवंत स्रोत है।
बच्चों ने कहा कि हनुमान जी के साहस, निस्वार्थ सेवा, विनम्रता और समर्पण जैसे गुण उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि हनुमान जी ने कभी भी कठिन परिस्थितियों से घबराकर पीछे हटना नहीं सीखा। चाहे समुद्र लांघने की चुनौती हो या लंका जाकर माता सीता की खोज, उन्होंने हर कार्य आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ पूरा किया।
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छात्रा जन्नत ने कहा कि हनुमान जी से उसे साहस और डर पर विजय पाना सीखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी हनुमान जी ने कभी हार नहीं मानी और हमेशा आगे बढ़ते रहे।
छात्रा पायल के अनुसार, हनुमान जी ने अपने गुरु भगवान सूर्य का हमेशा सम्मान किया, जिससे यह सीख मिलती है कि हमें अपने गुरु और बड़ों का आदर करना चाहिए। उनके अनुसार, जो व्यक्ति अपने गुरुजनों का सम्मान नहीं करता, वह जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता।
छात्रा मानवी ने कहा कि हनुमान जी की तरह हमें भी हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि सच्चाई के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी भयभीत नहीं होता और भगवान भी उसकी सहायता करते हैं।
छात्रा अक्षमा ने कहा कि हनुमान जी से उन्हें विनम्रता और सच्ची भक्ति की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि अपार शक्ति के बावजूद हनुमान जी ने कभी अहंकार नहीं किया और भगवान श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण भाव रखा। यह हमें सिखाता है कि जीवन में विनम्रता बनाए रखना जरूरी है।