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Kaithal News: मंडी एसोसिएशन ने खरीद एजेंसियों पर लगाया धांधली करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 04 May 2026 03:52 AM IST
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कलायत। अनाज मंडी कलायत में गेहूं खरीद सीजन के बीच तौल की प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। मंडी एसोसिएशन ने सरकारी खरीद एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उपायुक्त को शिकायत भेजी है।
एसोसिएशन का आरोप है कि सरकारी कांटों और व्यापारियों के निजी वजन के बीच भारी विसंगति है जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंडी एसोसिएशन के मुताबिक इस सीजन में अब तक करीब 15 लाख गेहूं के बैगों की खरीद तीन सरकारी एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एजेंसियां अपने स्तर पर निजी कांटों का उपयोग कर गेहूं की उतरवाई करवा रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि इन कांटों के वजन में काफी हेराफेरी पाई गई है जिससे पूरी मंडी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
किसान भी इस कटौती को लेकर चिंतित हैं। अनाज मंडी संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाट एवं माप विभाग के जरिए इन कांटों की तुरंत निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शिकायतों के बाद की गई जांच में अंतर नहीं मिला : आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए हेफेड इंस्पेक्टर संजीव ढुल ने कहा कि कुछ व्यापारियों की शिकायतों के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है।
उन्होंने बताया कि कलायत में स्थापित तीनों सरकारी कांटों के वजन का प्राइवेट धर्मकांटों के साथ क्रॉस चेक करवाया गया था। हालांकि प्राथमिक तौर पर इसमें बेहद मामूली अंतर नजर आया था लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाद में कैथल स्थित सरकारी कांटे पर ले जाकर वजन का पुन: मिलान किया गया। कैथल में किए गए वेट के दौरान कोई अंतर नहीं मिला है। संवाद
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एसोसिएशन का आरोप है कि सरकारी कांटों और व्यापारियों के निजी वजन के बीच भारी विसंगति है जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंडी एसोसिएशन के मुताबिक इस सीजन में अब तक करीब 15 लाख गेहूं के बैगों की खरीद तीन सरकारी एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एजेंसियां अपने स्तर पर निजी कांटों का उपयोग कर गेहूं की उतरवाई करवा रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि इन कांटों के वजन में काफी हेराफेरी पाई गई है जिससे पूरी मंडी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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किसान भी इस कटौती को लेकर चिंतित हैं। अनाज मंडी संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाट एवं माप विभाग के जरिए इन कांटों की तुरंत निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शिकायतों के बाद की गई जांच में अंतर नहीं मिला : आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए हेफेड इंस्पेक्टर संजीव ढुल ने कहा कि कुछ व्यापारियों की शिकायतों के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है।
उन्होंने बताया कि कलायत में स्थापित तीनों सरकारी कांटों के वजन का प्राइवेट धर्मकांटों के साथ क्रॉस चेक करवाया गया था। हालांकि प्राथमिक तौर पर इसमें बेहद मामूली अंतर नजर आया था लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाद में कैथल स्थित सरकारी कांटे पर ले जाकर वजन का पुन: मिलान किया गया। कैथल में किए गए वेट के दौरान कोई अंतर नहीं मिला है। संवाद
