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Kaithal News: मेडिकल क्लेम किया खारिज कंपनी को देने होंगे 89 हजार
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कैथल। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी की ओर से मेडिकल क्लेम खारिज करने को सेवा में कमी करार देते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया है।
आयोग ने बीमा कंपनी को अस्पताल के इलाज पर खर्च की गई 89,085 रुपये की राशि लौटाने के साथ मानसिक पीड़ा, मुकदमा खर्च और निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर ब्याज सहित राशि अदा करने के आदेश दिए हैं। मुकेश कुमार ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर कर बताया था कि उन्होंने टाटा एआईजी की पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। दिसंबर 2022 में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पूंडरी के एक निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां इलाज पर 89,085 रुपये खर्च हुए।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ बीमा कंपनी के समक्ष मेडिकल क्लेम प्रस्तुत किया लेकिन कंपनी ने अप्रैल 2023 में क्लेम को अस्वीकार कर दिया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए और इसी आधार पर क्लेम खारिज किया गया।
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आयोग ने बीमा कंपनी को अस्पताल के इलाज पर खर्च की गई 89,085 रुपये की राशि लौटाने के साथ मानसिक पीड़ा, मुकदमा खर्च और निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर ब्याज सहित राशि अदा करने के आदेश दिए हैं। मुकेश कुमार ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर कर बताया था कि उन्होंने टाटा एआईजी की पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। दिसंबर 2022 में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पूंडरी के एक निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां इलाज पर 89,085 रुपये खर्च हुए।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ बीमा कंपनी के समक्ष मेडिकल क्लेम प्रस्तुत किया लेकिन कंपनी ने अप्रैल 2023 में क्लेम को अस्वीकार कर दिया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए और इसी आधार पर क्लेम खारिज किया गया।
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