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Kaithal News: शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगे 2.50 करोड़ रुपये
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ठगी करने वाले आरोपी पुलिस गिरफ्त में। प्रवक्ता
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कैथल। शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी से 2.5 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने ठगी करने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गांव मीरपुर कोनिया निवासी संजय कुमार, सतरोहन कुमार और गांव अम्बापुर निवासी दलीप शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी दलीप से पूछताछ के लिए न्यायालय से 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है, जबकि शेष दोनों आरोपियों को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए लिंक के जरिये वे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े, जहां खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले लोगों ने अधिक मुनाफे का लालच दिया। आरोपियों ने एसबीआई सिक्योरिटी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट पर उनका वर्चुअल वॉलेट बनवाया और वीडियो केवाईसी कराकर विश्वास जीत लिया। शुरुआत में 50 हजार रुपये निवेश करवाए गए और भरोसा कायम रखने के लिए एक हजार रुपये वापस भी भेज दिए गए।
इसके बाद लगातार अधिक लाभ दिखाकर उससे अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा कराए गए। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल वॉलेट में काल्पनिक मुनाफा दिखाया जाता रहा। जब उसने अपनी रकम निकालनी चाही तो कंपनी कमीशन के नाम पर भी लाखों रुपये जमा करवा लिए गए। बाद में बैंक से जानकारी मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ।
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2 करोड़ 50 लाख 51 हजार 597 रुपये ठगे
शिकायतकर्ता ने बताया कि अलग-अलग तारीख में कुल 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार 597 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए। पुलिस के अनुसार संजय कुमार और सतरोहन कुमार के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम लेने के लिए किया गया, जबकि दलीप ने कमीशन के बदले ये बैंक खाते अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे। इस मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। सभी आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बहराइच से काबू किया गया है।
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पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए लिंक के जरिये वे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े, जहां खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले लोगों ने अधिक मुनाफे का लालच दिया। आरोपियों ने एसबीआई सिक्योरिटी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट पर उनका वर्चुअल वॉलेट बनवाया और वीडियो केवाईसी कराकर विश्वास जीत लिया। शुरुआत में 50 हजार रुपये निवेश करवाए गए और भरोसा कायम रखने के लिए एक हजार रुपये वापस भी भेज दिए गए।
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इसके बाद लगातार अधिक लाभ दिखाकर उससे अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा कराए गए। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल वॉलेट में काल्पनिक मुनाफा दिखाया जाता रहा। जब उसने अपनी रकम निकालनी चाही तो कंपनी कमीशन के नाम पर भी लाखों रुपये जमा करवा लिए गए। बाद में बैंक से जानकारी मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ।
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2 करोड़ 50 लाख 51 हजार 597 रुपये ठगे
शिकायतकर्ता ने बताया कि अलग-अलग तारीख में कुल 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार 597 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए। पुलिस के अनुसार संजय कुमार और सतरोहन कुमार के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम लेने के लिए किया गया, जबकि दलीप ने कमीशन के बदले ये बैंक खाते अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे। इस मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। सभी आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बहराइच से काबू किया गया है।