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Kaithal News: बिना फायर एनओसी 500 से अधिक व्यावसायिक भवन संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:08 AM IST
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एक होटल में जाती संकरी सीढ़ी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, शहर में 102 कोचिंग सेंटर और 500 से अधिक व्यावसायिक भवन ऐसे हैं जो बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की कार्रवाई सीमित स्तर पर ही दिखाई दे रही है।
शहर के तंग रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में नियमों को दरकिनार कर कोचिंग सेंटर, निजी क्लीनिक और पीजी संचालित किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर न तो आपातकालीन निकास की उचित व्यवस्था है और न ही अग्निशमन यंत्र पूरी तरह कार्यशील स्थिति में हैं। ऐसे में किसी भी संभावित आगजनी की स्थिति में बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, संकरी गलियों में दमकल वाहनों की पहुंच भी मुश्किल हो सकती है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका रहती है। रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन सीधे तौर पर स्थानीय निवासियों और वहां मौजूद विद्यार्थियों की सुरक्षा को जोखिम में डाल रहा है।
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भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया है कि कई कोचिंग सेंटर और होटल भवन निर्धारित बिल्डिंग बायलॉज और फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई बहुमंजिला इमारतों में वेंटिलेशन की कमी है, जबकि आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं पाए गए हैं।
इसके अलावा बेसमेंट और छतों पर अवैध निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम और बढ़ गया है। इन भवनों में रह रहे लोग और अध्ययनरत विद्यार्थी असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर हैं।
कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस
दमकल विभाग ने अब तक केवल करीब 30 भवनों को ही नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। जबकि सैकड़ों भवन बिना फायर एनओसी के संचालन में हैं, लेकिन उन पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
वर्जन
दमकल विभाग के अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि जिले में बिना एनओसी संचालित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
कैथल। शहर में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, शहर में 102 कोचिंग सेंटर और 500 से अधिक व्यावसायिक भवन ऐसे हैं जो बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की कार्रवाई सीमित स्तर पर ही दिखाई दे रही है।
शहर के तंग रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में नियमों को दरकिनार कर कोचिंग सेंटर, निजी क्लीनिक और पीजी संचालित किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर न तो आपातकालीन निकास की उचित व्यवस्था है और न ही अग्निशमन यंत्र पूरी तरह कार्यशील स्थिति में हैं। ऐसे में किसी भी संभावित आगजनी की स्थिति में बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, संकरी गलियों में दमकल वाहनों की पहुंच भी मुश्किल हो सकती है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका रहती है। रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन सीधे तौर पर स्थानीय निवासियों और वहां मौजूद विद्यार्थियों की सुरक्षा को जोखिम में डाल रहा है।
भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया है कि कई कोचिंग सेंटर और होटल भवन निर्धारित बिल्डिंग बायलॉज और फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई बहुमंजिला इमारतों में वेंटिलेशन की कमी है, जबकि आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं पाए गए हैं।
इसके अलावा बेसमेंट और छतों पर अवैध निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम और बढ़ गया है। इन भवनों में रह रहे लोग और अध्ययनरत विद्यार्थी असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर हैं।
कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस
दमकल विभाग ने अब तक केवल करीब 30 भवनों को ही नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। जबकि सैकड़ों भवन बिना फायर एनओसी के संचालन में हैं, लेकिन उन पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
वर्जन
दमकल विभाग के अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि जिले में बिना एनओसी संचालित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

एक होटल में जाती संकरी सीढ़ी।