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Kaithal News: आलू एक से दो रुपये प्रति किलो बेचने की मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/करनाल। डिमांड कम और सप्लाई ज्यादा होने के साथ कोल्ड स्टोर के खर्च ने आलू के रेट गिरा दिए हैं। किसान खेत में पांच से छह रुपये प्रति किलो की लागत से उगने वाला आलू अब बाजार में एक से दो रुपये प्रति किलो में बेचने को मजबूर हैं।
ये हालात तीन साल से लगातार बनते आ रहे हैं। इससे प्रदेश भर में 33427 हेक्टेयर में 913380 मीट्रिक टन आलू उत्पादक किसानों पर मंदी का संकट बना हुआ है। हालांकि किसानों का संकट देख खरीद का करार करने वाली कपंनियों ने अपना वादा निभाने की बात कही है। वे अब वापस किसानों से 80 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से आलू खरीदेंगी। जबकि कुछ दिन पहले कंपनी का कहना था कि वे केवल 40 क्विंटल आलू ही खरीदेंगी।
आढ़ती बताते हैं कि अगर आलू को कोल्ड स्टोर में रखा तो इसका किराया 170 रुपये प्रति कट्टा होता है। जबकि 20 रुपये से लेकर 30 रुपये कट्टे के हिसाब से ट्रांसपोर्ट लग जाती है। यानी 200 रुपये प्रति कट्टा महंगा होगा। अगर किराए के बाद भी आलू का रेट नहीं बढ़ा तो किसानों और आढ़तियों के लिए बहुत बड़ा नुकसान का सौदा होगा। इस वजह से अब तब किसान और आढ़ती कोल्ड स्टोर में आलू रखने में संकोच कर रहे हैं।
आलू की डिमांड कम और सप्लाई ज्यादा होने से आलू के दाम गिरे हैं। एक बार आलू कोल्ड स्टोर में पहुंचना शुरू हो गया तो उम्मीद है कि रेट बढ़ने लगेंगे। - डॉ. प्रदीप सिंह, एमएचयू
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ये हालात तीन साल से लगातार बनते आ रहे हैं। इससे प्रदेश भर में 33427 हेक्टेयर में 913380 मीट्रिक टन आलू उत्पादक किसानों पर मंदी का संकट बना हुआ है। हालांकि किसानों का संकट देख खरीद का करार करने वाली कपंनियों ने अपना वादा निभाने की बात कही है। वे अब वापस किसानों से 80 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से आलू खरीदेंगी। जबकि कुछ दिन पहले कंपनी का कहना था कि वे केवल 40 क्विंटल आलू ही खरीदेंगी।
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आढ़ती बताते हैं कि अगर आलू को कोल्ड स्टोर में रखा तो इसका किराया 170 रुपये प्रति कट्टा होता है। जबकि 20 रुपये से लेकर 30 रुपये कट्टे के हिसाब से ट्रांसपोर्ट लग जाती है। यानी 200 रुपये प्रति कट्टा महंगा होगा। अगर किराए के बाद भी आलू का रेट नहीं बढ़ा तो किसानों और आढ़तियों के लिए बहुत बड़ा नुकसान का सौदा होगा। इस वजह से अब तब किसान और आढ़ती कोल्ड स्टोर में आलू रखने में संकोच कर रहे हैं।
आलू की डिमांड कम और सप्लाई ज्यादा होने से आलू के दाम गिरे हैं। एक बार आलू कोल्ड स्टोर में पहुंचना शुरू हो गया तो उम्मीद है कि रेट बढ़ने लगेंगे। - डॉ. प्रदीप सिंह, एमएचयू