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Kaithal News: नशा मुक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर लद्दाख पहुंचे देहरा के राहुल

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 18 Jun 2026 02:43 AM IST
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Rahul from Dehra has reached Ladakh, carrying a message of environmental conservation alongside the call for a drug-free life.
यात्रा के दौरान देहरा गांव निवासी राहुल। स्वयं
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कुलदीप राठी

समालखा। देहरा गांव के राहुल ने नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पानीपत से लद्दाख तक की कठिन साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। वह दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड तक साइकिल से पहुंचने में सफल रहे। अब वापसी के बाद वह चुलकाना धाम में श्याम बाबा के दर्शन कर अपनी यात्रा का समापन करेंगे।
राहुल ने बताया कि उन्होंने 5 मई को अपनी माता का आशीर्वाद लेकर गांव से यात्रा शुरू की थी। अंबाला पहुंचने पर चूरू (राजस्थान) निवासी ललित कुमार जांगिड और नेपाल निवासी सचिन चौधरी भी उनके साथ इस अभियान में शामिल हो गए। तीनों ने चंडीगढ़, मनाली और अटल टनल होते हुए हिमाचल प्रदेश के बारालाचा ला दर्रे तक का सफर तय किया। करीब 16,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले इस मार्ग को पार करने के बाद उन्होंने लद्दाख की ओर बढ़ना जारी रखा।
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यात्रा के दौरान राहुल ने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण मार्गों में शामिल घाटा लूप्स, नकीला पास और लाचुंगला पास को भी पार किया। इसके बाद वह लद्दाख की राजधानी लेह पहुंचे और वहां स्थित शांति स्तूप में दर्शन किए। राहुल ने बताया कि कई स्थानों पर रहने और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण उन्हें सेना के शिविरों में रात्रि विश्राम करना पड़ा।
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उन्होंने चांगला पास पार कर प्रसिद्ध पैंगोंग झील का भी भ्रमण किया। यात्रा के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर नियमित रूप से वीडियो और तस्वीरें साझा कर युवाओं को नशे से दूर रहने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि आगे बढ़ते हुए उन्होंने रेजांग ला स्मारक का भी दौरा किया, जहां 1962 के भारत-चीन युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया था।
राहुल के अनुसार, दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड तक साइकिल से पहुंचना उनकी यात्रा की सबसे बड़ी चुनौती थी। अत्यधिक ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इसी दृढ़ संकल्प के बल पर वह लगभग 19,400 फीट की ऊंचाई पर स्थित उमलिंग ला टॉप तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि 21 जून को चुलकाना धाम में श्याम बाबा के दर्शन कर इस जागरूकता यात्रा का विधिवत समापन किया जाएगा। संवाद
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