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Kaithal News: मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर जड़ा ताला
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 21 Apr 2026 06:05 AM IST
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मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट बंद कर प्रदर्शन करते हुए किसान संगठनों से जुड़े लोग।
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कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शहर की नई मंडी में किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया और सरकार की ओर से थोपे गए बायोमीट्रिक नियमों और नई खरीद व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के सतपाल, सुभाष, जसबीर, ज्ञान चंद असदि ने बताया कि किसानों को बायोमीट्रिक नियमों, मंडी से अनाज के उठान में कमी और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस भी सुरक्षा के लिहाज से मौजूद रही और किसानों को समझाया गया। किसानों की मुख्य मांगों में बायोमेट्रिक नियमों को तत्काल वापस लेना, किसानों को पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराना और गेहूं की खरीद इलेक्ट्रॉनिक कांटों से सुचारु रूप से शुरू करने की मांग शामिल हैं।
उधर, शहर की अतिरिक्त अनाज मंडी में काम न मिलने से परेशान मजदूरों ने सोमवार को जींद-कैथल रोड पर पेड़ों की टहनियां रखकर जाम लगा दिया। उनका कहना है कि करीब एक सप्ताह से उन्हें काम नहीं मिल रहा। मंडी में रोज आ रहे हैं, लेकिन उठान न होने की वजह से ऐसे ही खाली बैठ कर वापस जाने को मजबूर हैं। उनका जीवन यापन कैसे होगा। जाम की सूचना पाकर पुलिस और डीएफएससी की टीम मौके पर पहुंची और मजदूरों को समझाकर करीब आधे घंट बाद जाम खुलवाया।
सुरेश, सतपाल, रामपाल, रोशन ने कहा कि वे कई दिन से इस उम्मीद से मंडी में लेबर के लिए आ रहे हैं कि आज काम मिल जाएगा। सुबह घर से रोटी लेकर आते हैं और दोपहर को खाकर खाली हाथ घर लौट जाते हैं। बच्चे इंतजार कर रहे होते हैं कि पिता मजदूरी करके कुछ घर लाएंगे, लेकिन मजदूरी मिलना तो दूर, शहर आने के लिए खर्च भी खुद करना पड़ रहा है। मजदूरों ने बताया कि मंडी में करीब 12 लाख कट्टे गेहूं पड़ी है। इसके अलावा खुली फसल से भी मंडी अटी पड़ी है, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। डीएफएससी वरिंद्र कुमार ने कहा कि ठेकेदार को उठान के लिए गाड़ी की संख्या बढ़ाने के सख्ती से निर्देश दिए हैं। वरना कार्रवाई की जाएगी।
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संयुक्त किसान मोर्चा के सतपाल, सुभाष, जसबीर, ज्ञान चंद असदि ने बताया कि किसानों को बायोमीट्रिक नियमों, मंडी से अनाज के उठान में कमी और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस भी सुरक्षा के लिहाज से मौजूद रही और किसानों को समझाया गया। किसानों की मुख्य मांगों में बायोमेट्रिक नियमों को तत्काल वापस लेना, किसानों को पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराना और गेहूं की खरीद इलेक्ट्रॉनिक कांटों से सुचारु रूप से शुरू करने की मांग शामिल हैं।
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उधर, शहर की अतिरिक्त अनाज मंडी में काम न मिलने से परेशान मजदूरों ने सोमवार को जींद-कैथल रोड पर पेड़ों की टहनियां रखकर जाम लगा दिया। उनका कहना है कि करीब एक सप्ताह से उन्हें काम नहीं मिल रहा। मंडी में रोज आ रहे हैं, लेकिन उठान न होने की वजह से ऐसे ही खाली बैठ कर वापस जाने को मजबूर हैं। उनका जीवन यापन कैसे होगा। जाम की सूचना पाकर पुलिस और डीएफएससी की टीम मौके पर पहुंची और मजदूरों को समझाकर करीब आधे घंट बाद जाम खुलवाया।
सुरेश, सतपाल, रामपाल, रोशन ने कहा कि वे कई दिन से इस उम्मीद से मंडी में लेबर के लिए आ रहे हैं कि आज काम मिल जाएगा। सुबह घर से रोटी लेकर आते हैं और दोपहर को खाकर खाली हाथ घर लौट जाते हैं। बच्चे इंतजार कर रहे होते हैं कि पिता मजदूरी करके कुछ घर लाएंगे, लेकिन मजदूरी मिलना तो दूर, शहर आने के लिए खर्च भी खुद करना पड़ रहा है। मजदूरों ने बताया कि मंडी में करीब 12 लाख कट्टे गेहूं पड़ी है। इसके अलावा खुली फसल से भी मंडी अटी पड़ी है, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। डीएफएससी वरिंद्र कुमार ने कहा कि ठेकेदार को उठान के लिए गाड़ी की संख्या बढ़ाने के सख्ती से निर्देश दिए हैं। वरना कार्रवाई की जाएगी।

मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट बंद कर प्रदर्शन करते हुए किसान संगठनों से जुड़े लोग।

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