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गीता हर युग-स्थान के लिए मार्गदर्शक : स्वामी ज्ञानानंद
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भाई उदय सिंह किला में श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति और जीओ गीता परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का रविवार देर शाम विश्राम हो गया। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि सत्संग का कभी समापन नहीं होता, यह केवल विश्राम होता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति के भीतर आत्मिक जागृति लाना है, जो निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
उन्होंने भगवद्गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता केवल किसी एक समय या स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व और हर युग के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में एक ही परमात्मा के अनेक रूपों और शक्तियों का वर्णन किया गया है, जो इसकी व्यापकता और समृद्धि को दर्शाता है।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भगवद्गीता मानव जीवन के हर प्रश्न का समाधान प्रस्तुत करती है और इसे मानवता की मुस्कान बताया, जिसमें अमृत समान ज्ञान भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि
महाभारत की युद्धभूमि में भी शांति और धर्म का संदेश दिया गया, जो आज के समय में और अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि अशांति, युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के बीच गीता का संदेश मानवता को सही दिशा दिखा सकता है।
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति व आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। इस दौरान पूर्व हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत, पूर्व चेयरमैन अरुण सर्राफ, श्याम लाल बंसल, समाजसेवी सुधीर मेहता, सतपाल जांबा और भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी मौजूद रहे।
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कैथल। भाई उदय सिंह किला में श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति और जीओ गीता परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का रविवार देर शाम विश्राम हो गया। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि सत्संग का कभी समापन नहीं होता, यह केवल विश्राम होता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति के भीतर आत्मिक जागृति लाना है, जो निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
उन्होंने भगवद्गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता केवल किसी एक समय या स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व और हर युग के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में एक ही परमात्मा के अनेक रूपों और शक्तियों का वर्णन किया गया है, जो इसकी व्यापकता और समृद्धि को दर्शाता है।
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स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भगवद्गीता मानव जीवन के हर प्रश्न का समाधान प्रस्तुत करती है और इसे मानवता की मुस्कान बताया, जिसमें अमृत समान ज्ञान भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि
महाभारत की युद्धभूमि में भी शांति और धर्म का संदेश दिया गया, जो आज के समय में और अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि अशांति, युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के बीच गीता का संदेश मानवता को सही दिशा दिखा सकता है।
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति व आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। इस दौरान पूर्व हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत, पूर्व चेयरमैन अरुण सर्राफ, श्याम लाल बंसल, समाजसेवी सुधीर मेहता, सतपाल जांबा और भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी मौजूद रहे।