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Kaithal News: बसों की कमी से वैद्यनाथ, पुष्कर, गंगानगर और बीकानेर रूट बंद

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 28 Apr 2026 12:59 AM IST
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Vaidyanath, Pushkar, Ganganagar and Bikaner routes closed due to lack of buses
कैथल के बस अड्डे पर बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। डिपो में नई बसों की कमी के चलते वैद्यनाथ, पुष्कर, गंगानगर और बीकानेर जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर बस सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। वैद्यनाथ रूट के लिए करीब 15 दिन पहले ही परमिट मिला था, जबकि अन्य रूटों के

परमिट पहले से ही उपलब्ध हैं, लेकिन बसों के अभाव में अब तक संचालन शुरू नहीं हो सका है।

इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन रूटों पर यात्रा करने वाले लोगों को मजबूरी में निजी बसों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका खर्च बढ़ गया है। खासकर धार्मिक स्थलों वैद्यनाथ और पुष्कर जाने वाले यात्रियों में इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है। वहीं गंगानगर और बीकानेर जैसे शहरों के लिए भी नियमित यातायात प्रभावित हो रहा है।
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नाराज यात्रियों का कहना है कि लंबे समय से इन रूटों पर बस सेवा की मांग की जा रही थी। परमिट मिलने के बाद उम्मीद जगी थी कि अब सुविधा शुरू हो जाएगी, लेकिन बसों की कमी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने परिवहन विभाग से मांग की है कि जल्द नई बसें उपलब्ध कराकर इन रूटों पर सेवाएं शुरू की जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

निजी साधनों पर निर्भर : यात्री राजेंद्र ने बताया कि बीकानेर के लिए बस सेवा शुरू न होने से उन्हें निजी वाहनों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे खर्च बढ़ रहा है और समय की भी बर्बादी हो रही है।

बसें बदलनी पड़ती हैं : यात्री सुरेश कुमार ने बताया कि पुष्कर जाने के लिए उन्हें दो से तीन बसें बदलनी पड़ती हैं। यदि सीधी बस सेवा शुरू हो जाए तो सफर आसान और सस्ता हो सकता है।

काफी समय से नई बसें न मिलने के कारण पुरानी बसें बीच रास्ते खराब हो जाती हैं। डिपो को कम से कम 90 नई बसों की आवश्यकता है।

डिपो के पास 250 बसों का बेड़ा होना चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल 160 बसें ही उपलब्ध हैं। मुख्यालय से जल्द नई बसें मिलने की उम्मीद है। जुलाई तक करीब 10 नई बसें डिपो में शामिल हो सकती हैं, तब इन रूटों पर बस सेवाएं शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। -विपुल कुमार, यातायात प्रबंधक
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