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Kaithal News: डीएवी में आनंद पर्व पर वैदिक यज्ञ, नशामुक्ति का दिया संदेश
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कार्यक्रम में मौजूद लोग। विज्ञप्ति
पूंडरी। डीएवी महाविद्यालय पूंडरी में महात्मा आनंद स्वामी के जन्मदिवस 15 अक्तूबर से पुण्यतिथि 24 अक्तूबर तक आयोजित प्रेरणा सप्ताह के तहत आनंद पर्व मनाया गया। इस दौरान वैदिक यज्ञ, सेमिनार, पुस्तक प्रदर्शनी और नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महात्मा आनंद स्वामी के जीवन, विचारों और वैदिक संस्कृति से परिचित करवाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभातफेरी और वैदिक परंपरा के अनुसार अग्निहोत्र से हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश तूरान ने यजमान की भूमिका निभाई जबकि आर्य केंद्रीय सभा करनाल के प्रधान प्रो. आनंद सिंह आर्य यज्ञ-ब्रह्मा रहे। प्राध्यापकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर महात्मा आनंद स्वामी को श्रद्धांजलि दी।
आर्य समाज के सिद्धांतों पर डाला प्रकाश
यज्ञ के बाद महाविद्यालय के सभागार में सेमिनार आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक प्रार्थना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रो. आनंद सिंह आर्य ने आर्य समाज के सिद्धांतों और समाज व राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने ईश्वर, जीव और प्रकृति के सिद्धांतों को सरल शब्दों में समझाया। साथ ही विद्यार्थियों से संस्कृत, संस्कार और संस्कृति को जीवन में अपनाने और अपने चरित्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। प्राचार्य डॉ. राजेश तूरान ने कहा कि महात्मा आनंद स्वामी का जीवन और उनके विचार विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिकता, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
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नुक्कड़ नाटक से नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने नो नशा, नेशन मुहिम के तहत नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। छात्राओं ऋतु, हरप्रीत कौर और खुशबू ने क्रमश: महर्षि दयानंद सरस्वती, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती और डीएवी के संस्थापक महात्मा हंसराज के जीवन और योगदान पर विचार रखे।
पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को वैदिक साहित्य और महापुरुषों के विचारों को जानने का अवसर मिला। मंच संचालन आर्य युवा समाज के संयोजक दीपक आर्य ने किया। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. राजेश तूरान ने मुख्य अतिथि, विद्यार्थियों और उपस्थित पत्रकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रो. नरसी दास, आर्य समाज पूंडरी के प्रधान अनिल आर्य, आर्य समाज बरसाना के प्रधान संदीप आर्य सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत प्रभातफेरी और वैदिक परंपरा के अनुसार अग्निहोत्र से हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश तूरान ने यजमान की भूमिका निभाई जबकि आर्य केंद्रीय सभा करनाल के प्रधान प्रो. आनंद सिंह आर्य यज्ञ-ब्रह्मा रहे। प्राध्यापकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर महात्मा आनंद स्वामी को श्रद्धांजलि दी।
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आर्य समाज के सिद्धांतों पर डाला प्रकाश
यज्ञ के बाद महाविद्यालय के सभागार में सेमिनार आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक प्रार्थना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रो. आनंद सिंह आर्य ने आर्य समाज के सिद्धांतों और समाज व राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने ईश्वर, जीव और प्रकृति के सिद्धांतों को सरल शब्दों में समझाया। साथ ही विद्यार्थियों से संस्कृत, संस्कार और संस्कृति को जीवन में अपनाने और अपने चरित्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। प्राचार्य डॉ. राजेश तूरान ने कहा कि महात्मा आनंद स्वामी का जीवन और उनके विचार विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिकता, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
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नुक्कड़ नाटक से नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने नो नशा, नेशन मुहिम के तहत नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। छात्राओं ऋतु, हरप्रीत कौर और खुशबू ने क्रमश: महर्षि दयानंद सरस्वती, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती और डीएवी के संस्थापक महात्मा हंसराज के जीवन और योगदान पर विचार रखे।
पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को वैदिक साहित्य और महापुरुषों के विचारों को जानने का अवसर मिला। मंच संचालन आर्य युवा समाज के संयोजक दीपक आर्य ने किया। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. राजेश तूरान ने मुख्य अतिथि, विद्यार्थियों और उपस्थित पत्रकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रो. नरसी दास, आर्य समाज पूंडरी के प्रधान अनिल आर्य, आर्य समाज बरसाना के प्रधान संदीप आर्य सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मौजूद लोग। विज्ञप्ति