सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Water tanks in hospitals will be cleaned every three months.

Kaithal News: अस्पतालों में हर तीन माह में होगी पानी टंकियों की सफाई

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 13 Apr 2026 03:44 AM IST
विज्ञापन
Water tanks in hospitals will be cleaned every three months.
कैथल के जिला नागरिक अस्पताल में रखीं पानी की टंकियां।
विज्ञापन
सोनू थुआ
Trending Videos

कैथल। जिले के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को गंदे पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने पानी की टंकियों की सफाई, रखरखाव और निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की सभी इमारतों में हर तीन माह में पानी की टंकियों की नियमित सफाई करवाई जाएगी।
नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक अस्पताल में टंकियों की सफाई का स्पष्ट शेड्यूल तैयार किया गया है, जिसका रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा। इसके अलावा हर संस्थान में एक जिम्मेदार कर्मचारी की नियुक्ति की गई है, जो पानी की टंकियों की साफ-सफाई, उनकी स्थिति और पानी की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले कई अस्पतालों में पानी की टंकियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण उनमें गंदा पानी जमा हो जाता था। इसका सबसे अधिक असर मरीजों पर पड़ता था, जिन्हें शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाता था। कई स्थानों पर टंकियों के ढक्कन भी गायब पाए गए, जिससे बाहरी गंदगी और प्रदूषण पानी में मिल जाता था। मरीजों और परिजनों की लगातार मांग के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यदि जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो यहां एक जिला नागरिक अस्पताल के अलावा कलायत और गुहला में सब-डिवीजन अस्पताल, सीवन, राजौंद, पूंडरी और कौल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 114 सब सेंटर संचालित हैं। इन सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिससे स्वच्छ पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी हो जाती है। संवाद

बॉक्स
हर टंकी को मिलेगा यूनिक नंबर
स्वास्थ्य विभाग ने पारदर्शिता और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी पानी की टंकियों को यूनिक पहचान नंबर देने का निर्णय लिया है। इससे निरीक्षण के दौरान प्रत्येक टंकी की स्थिति का रिकॉर्ड आसानी से रखा जा सकेगा।
टंकियों के ढक्कनों को मजबूत और सुरक्षित बनाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की बाहरी गंदगी पानी में न मिल सके। यदि कहीं भी टंकी में टूट-फूट, लीकेज या जंग जैसी समस्या पाई जाती है, तो उसकी तुरंत मरम्मत करवाई जाएगी। इसके अलावा टंकियों के आसपास के क्षेत्र को साफ और सूखा रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मच्छरों और अन्य कीटों के पनपने की संभावना कम होगी। यह कदम न केवल स्वच्छता बनाए रखने में मदद करेगा, बल्कि संक्रमण के खतरे को भी काफी हद तक कम करेगा।

वर्जन
अब पानी की टंकियों की सफाई और मरम्मत हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से की जाएगी। मरीजों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। गुणवत्ता आश्वासन टीम समय-समय पर निरीक्षण करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में संक्रमण के खतरे को कम करना और मरीजों को सुरक्षित व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।
डॉ. नीरज मंगला, उप सिविल सर्जन, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed