सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Wheat season is upon us, but arrangements are incomplete.

Kaithal News: गेहूं का सीजन सिर पर, व्यवस्थाएं अधूरी

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 26 Mar 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
Wheat season is upon us, but arrangements are incomplete.
कैथल की अनाज मंडी की ओर जाने वाली खस्ताहाल मुख्य सड़क।   संवाद  - फोटो : leh news
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos


कैथल। जिले में गेहूं खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही अनाज मंडियों की अव्यवस्था सामने आने लगी है। फसल मंडियों में पहुंचने से पहले ही व्यवस्थाओं की पोल खुल रही है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है।

मंडियों में सड़कों का पैचवर्क अब तक पूरा नहीं हो पाया है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे गेहूं से भरी ट्रॉलियों को मंडी तक लाने में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मंडी में प्रवेश मार्गों पर धूल और टूटी सड़कें हालात को और खराब बना रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंडी परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं दिख रही। मंडी में काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि यदि जल्द ही सफाई और मरम्मत कार्य नहीं हुआ, तो सीजन के दौरान स्थिति और बिगड़ सकती है।

किसान सुरेश कुमार ने बताया कि फसल पूरी तरह तैयार है और 1 अप्रैल से गेहूं लेकर मंडी में आना है, लेकिन मौजूदा हालात चिंताजनक हैं। उनका कहना है कि यदि सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं, तो ट्रॉली लेकर आना मुश्किल हो जाएगा।

किसान बलवंत सिंह ने कहा कि हर साल यही समस्या सामने आती है। सीजन शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पातीं और बाद में किसानों को परेशान होना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन

से समय रहते तैयारी सुनिश्चित करने की मांग की।

आढ़तियों ने भी मंडी की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। एक आढ़ती के अनुसार, मंडी में शेड, पेयजल और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। यदि बारिश हो गई, तो स्थिति और खराब हो सकती है।इस संबंध में ऑक्शन रिकॉर्डर पवन कुमार ने बताया कि मंडी परिसर में कुल 21 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। इनमें से एक कैमरा मरम्मत के लिए भेजा गया है। मंडी के प्रवेश और निकासी द्वारों पर दो-दो कैमरे सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मंडी में कुल 12 डिजिटल कांटे स्थापित हैं। गेट पास केवल पंजीकृत किसानों और उनके परिजनों को बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से जारी किया जाएगा।

खरीद सीजन से पहले मंडी व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

पाई। गेहूं खरीद सीजन से पहले पाई अनाज मंडी में व्यवस्थाओं को लेकर आढ़तियों में रोष बढ़ता जा रहा है। मंडी प्रधान ईश्वर सिंह उर्फ गेली ने सरकार और खरीद एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा हालात में किसानों और आढ़तियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसियों के पास पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं है और मंडी में फसल रखने के लिए भी जगह की कमी बनी हुई है। एजेंसियां अलॉट होने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी मंडी में पहुंचकर आढ़तियों से संवाद नहीं कर पाया है, जिससे व्यवस्थाओं को लेकर असमंजस की स्थिति है। ईश्वर सिंह ने कहा कि बारदाने की मांग बार-बार उठाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हर साल आढ़तियों को मंडी से बाहर फसल रखनी पड़ती है, लेकिन इस बार बाहर जगह देने से भी मना किया जा रहा है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कंप्यूटर कांटे से तोल के निर्णय को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे प्रक्रिया धीमी होगी और किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ेगा। संवाद

कैथल की अनाज मंडी की ओर जाने वाली खस्ताहाल मुख्य सड़क।   संवाद 

कैथल की अनाज मंडी की ओर जाने वाली खस्ताहाल मुख्य सड़क।   संवाद - फोटो : leh news

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed