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Kaithal News: कलायत में बंदरों के हमले में युवक घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नगर में बड़ी संख्या में डेरा डाले बंदरों के झुंड लोगों के लिए गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। आए दिन हो रहे हमलों से लोग दहशत में हैं। वीरवार को कपिल मुनि मंदिर के पास बंदरों के झुंड ने तरसेम कौशिक पर हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें बचाने के लिए आगे आए नरेश वर्मा, लीला बैरागी और विजय बैरागी पर भी बंदरों ने हमला कर दिया। बड़ी मुश्किल से लोगों ने तरसेम को बंदरों से छुड़वाया। हमले में तरसेम के कंधे पर गहरा घाव आया, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए कलायत के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह में ही बंदरों के हमलों में दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं। कुछ महीने पहले वार्ड-4 निवासी दीनानाथ की मौत भी बंदरों के हमले के कारण हो चुकी है।
कपिल मुनि मंदिर परिसर, माई वाला डेरा, ब्रिक टेंपल परिसर और सिरसा ब्रांच के किनारे बंदरों का भारी जमावड़ा बना रहता है। कई बार मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के हाथों से प्रसाद तक छीन लिया जाता है। महिलाओं ने बताया कि मंदिर के मुख्य द्वार पर ही बंदर उनके हाथों से सामान छीन लेते हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और प्राइमरी स्कूलों में भी बंदरों के झुंडों ने डेरा डाल रखा है। स्टाफ का कहना है कि बंदरों को भगाने पर वे हिंसक हो जाते हैं, जिससे छात्र और शिक्षक भय के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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कलायत। नगर में बड़ी संख्या में डेरा डाले बंदरों के झुंड लोगों के लिए गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। आए दिन हो रहे हमलों से लोग दहशत में हैं। वीरवार को कपिल मुनि मंदिर के पास बंदरों के झुंड ने तरसेम कौशिक पर हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें बचाने के लिए आगे आए नरेश वर्मा, लीला बैरागी और विजय बैरागी पर भी बंदरों ने हमला कर दिया। बड़ी मुश्किल से लोगों ने तरसेम को बंदरों से छुड़वाया। हमले में तरसेम के कंधे पर गहरा घाव आया, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए कलायत के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह में ही बंदरों के हमलों में दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं। कुछ महीने पहले वार्ड-4 निवासी दीनानाथ की मौत भी बंदरों के हमले के कारण हो चुकी है।
कपिल मुनि मंदिर परिसर, माई वाला डेरा, ब्रिक टेंपल परिसर और सिरसा ब्रांच के किनारे बंदरों का भारी जमावड़ा बना रहता है। कई बार मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के हाथों से प्रसाद तक छीन लिया जाता है। महिलाओं ने बताया कि मंदिर के मुख्य द्वार पर ही बंदर उनके हाथों से सामान छीन लेते हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और प्राइमरी स्कूलों में भी बंदरों के झुंडों ने डेरा डाल रखा है। स्टाफ का कहना है कि बंदरों को भगाने पर वे हिंसक हो जाते हैं, जिससे छात्र और शिक्षक भय के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।