फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   10.19 Crore Paddy Scam Unearthed in Two Rice Mills in Karnal DFSC Probe Reveals Irregularities

Haryana: करनाल में दो राइस मिलों में 10.19 करोड़ का धान घोटाला, DFSC की जांच में खुलासा, चार के खिलाफ मुकदमा

Sat, 23 May 2026 12:07 AM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 23 May 2026 12:07 AM IST
सार

करनाल जिले में दो राइस मिलों में 10.19 करोड़ रुपये का धान घोटाला हो गया। यह घोटाला डीएफएससी मुकेश कुमार की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन में सामने आया है। दोनों मिलों में 36 हजार क्विंटल धान कम पाया है।

विज्ञापन
10.19 Crore Paddy Scam Unearthed in Two Rice Mills in Karnal DFSC Probe Reveals Irregularities
हजारों कुंतल धान गायब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करनाल जिले में दो राइस मिलों में 10.19 करोड़ रुपये का धान घोटाला हो गया। यह घोटाला डीएफएससी मुकेश कुमार की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन में सामने आया है। दोनों मिलों में 36 हजार क्विंटल धान कम पाया है। दोनों मिलों की मशीनें भी चालू हालात में नहीं थी। घोटाले में दो मिलों के चार संचालकों, दो डीएफएससी के निरीक्षकों और एक सहायक निरीक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं मे तरावड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब मामले में पुलिस जांच करेगी। 36 हजार क्विंटल धान गायब होने से सरकार को 10 करोड़ 19 लाख 52 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।

विज्ञापन


जिला खाद्य एंव आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने तरावड़ी के बालाजी राइस मिल और विश्वकर्मा राइस मिल का भौतिक सत्यापन किया था। सत्यापन के दौरान बाला जी राइस मिल में 10 हजार क्विंटल धान कम पाया गया। मिल में धान की देखरेख की जिम्मेदारी डीएफएससी निरीक्षक देवेंद्र (निलंबित) और सहायक निरीक्षक रामफल (बर्खास्त) की थी। इसके अलावा सरकार को धान के बदले चावल उपलब्ध करवाने के लिए मिल के मालिक मोहित, सुरेंद्र और उनके पार्टनर अरूण की जिम्मेदारी थी। धान के बारे में पूछा गया तो कोई भी जानकारी नही दे पाए। इसके अलावा सत्यापन में मिल के अंदर स्क्रैप मशीनरी लगी मिली। आरोपी अब दूसरी मशीन लगा रहे थे। इसके बाद पांचों के खिलाफ तरावड़ी थाना में शिकायत दी गई। तरावड़ी थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि डीएफएससी मुकेश कुमार की शिकायत पर पांचों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
विज्ञापन


विश्वकर्मा राइस मिल में 26 हजार क्विंटल धान कम मिला
डीएफएससी के भौतिक सत्यापन में सामने आया है कि विश्वकर्मा राइस मिल में 26 हजार क्विंटल धान गायब था। मिल के अंदर धान से चावल बनाने के लिए मशीन भी नहीं लगी मिली। इससे साफ है कि मिल को गलत तरीके से धान अलॉट किया गया था। इसके अलॉटमेंट पर डीएफएससी विभाग के निरीक्षक हिमांशु और सहायक निरीक्षक रामफल (बर्खास्त) के हस्ताक्षर हैं। आरोपी मिल मालिक महेंद्र जांगड़ा अब मिल में मशीन लगा रहा था। इससे स्पष्ट है कि उसने विभाग के निरीक्षकों से मिलीभगत करके फर्जी तरीके से धान की अलॉटमेंट करवाई है। इस मामले में मिल संचालक डीएफएससी निरीक्षक हिमांशु और सहायक निरीक्षक रामफल के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मिल ने एक भी दाना चावल का नहीं लौटाया 
विश्वकर्मा राइस मिल की ओर से सरकार को एक भी दाना चावल का नहीं लौटाया गया। इससे विभाग को शक हुआ। वहीं बालाजी राइस मिल ने भी बहुत कम चावल सरकार को दिया है। अब मामले में पुलिस जांच करेगी कि या तो यहां पर धान आया ही नहीं, या फिर मिल मालिक को निरीक्षकों ने मिलकर बेच दिया। दोनों मिलों में गबन हुए चावल से सरकार को 10.19 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed