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Karnal News: एक दिन मेंं 20 टन कूड़ा सड़कों पर अटका
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सेक्टर 12 में जमा कूड़ा। संवाद
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करनाल। नगरपालिका कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर पहले ही दिन शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा। रोजाना शहर से निकलने वाले करीब 120 टन कचरे में से लगभग 20 टन कूड़ा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से नहीं उठ पाया। कई इलाकों में कूड़े के ढेर दिनभर पड़े रहे जिससे लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम की नियमित व्यवस्था के तहत प्रतिदिन लगभग 120 टन कचरा एकत्र किया जाता है। इसमें से करीब 100 टन घर-घर से कलेक्शन के जरिए और लगभग 20 टन सड़क, बाजार, सार्वजनिक स्थानों व डिवाइडरों की सफाई के दौरान उठाया जाता है। हड़ताल के कारण सबसे अधिक असर इसी हिस्से पर पड़ा और सड़क किनारे पड़ा कूड़ा नहीं उठ सका।
शहर के बाजारों रेलवे रोड, कर्ण मार्केट, वसंत विहार और व्यस्त मार्गों पर कूड़े के ढेर दिनभर पड़े रहे। दुकानदारों का कहना है कि सामान्य दिनों में सुबह ही सफाई हो जाती थी, लेकिन वीरवार को कूड़ा नहीं उठने से बदबू फैलने लगी। लोगों ने आशंका जताई कि यदि हड़ताल जारी रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। सीएसआई सुरिंदर चौपड़ा के अनुसार, वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। कोशिश है सड़कों से कूड़ा उठाया जा सके।
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स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर
बारिश और उमस के मौसम में लंबे समय तक कूड़ा खुले में पड़े रहने से मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने की आशंका रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि नियमित सफाई बाधित होने पर संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। यदि कर्मचारियों की हड़ताल निर्धारित अवधि से आगे बढ़ती है तो शहर में प्रतिदिन जमा होने वाला कचरा तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में सफाई व्यवस्था पटरी पर लाना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
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नगर निगम की नियमित व्यवस्था के तहत प्रतिदिन लगभग 120 टन कचरा एकत्र किया जाता है। इसमें से करीब 100 टन घर-घर से कलेक्शन के जरिए और लगभग 20 टन सड़क, बाजार, सार्वजनिक स्थानों व डिवाइडरों की सफाई के दौरान उठाया जाता है। हड़ताल के कारण सबसे अधिक असर इसी हिस्से पर पड़ा और सड़क किनारे पड़ा कूड़ा नहीं उठ सका।
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शहर के बाजारों रेलवे रोड, कर्ण मार्केट, वसंत विहार और व्यस्त मार्गों पर कूड़े के ढेर दिनभर पड़े रहे। दुकानदारों का कहना है कि सामान्य दिनों में सुबह ही सफाई हो जाती थी, लेकिन वीरवार को कूड़ा नहीं उठने से बदबू फैलने लगी। लोगों ने आशंका जताई कि यदि हड़ताल जारी रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। सीएसआई सुरिंदर चौपड़ा के अनुसार, वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। कोशिश है सड़कों से कूड़ा उठाया जा सके।
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स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर
बारिश और उमस के मौसम में लंबे समय तक कूड़ा खुले में पड़े रहने से मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने की आशंका रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि नियमित सफाई बाधित होने पर संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। यदि कर्मचारियों की हड़ताल निर्धारित अवधि से आगे बढ़ती है तो शहर में प्रतिदिन जमा होने वाला कचरा तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में सफाई व्यवस्था पटरी पर लाना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।