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Karnal News: गर्मी से जुड़ी बीमारी के रोजाना 400-500 मरीज आ रहे अस्पताल
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जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। अमर उजाला
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों रोजाना 2 हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 400 से 500 मरीज ऐसे हैं जो गर्मी से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं। अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मरीज उल्टी-दस्त, तेज बुखार, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और हीट एक्सॉशन जैसी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में नागरिक अस्पताल की ओपीडी में 1500 से 1600 तक मरीज पहुंचते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी में लगातार ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिन्हें शरीर में पानी की कमी, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत है। कई मरीजों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। अस्पताल में सुबह से ही पर्ची काउंटर और ओपीडी के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। जनरल मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।
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दोपहर में बाहर निकलने से बिगड़ रही तबीयत
डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। इस दौरान बाहर निकलने वाले लोगों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। मजदूरी करने वाले, रिक्शा चालक, डिलीवरी बॉय और खेतों में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
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बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
अस्पताल में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के मरीज भी लगातार बढ़ रहे हैं। बच्चों में उल्टी-दस्त और तेज बुखार की शिकायत सामने आ रही है, जबकि बुजुर्गों में कमजोरी और ब्लड प्रेशर असंतुलित होने की समस्या देखी जा रही है। डॉक्टरों ने परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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जरूरी उपाय-
- दिनभर में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें।
- घर से निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
- ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें।
- हल्का और ताजा भोजन खाएं।
- बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा देर धूप में न रखें।
ऐसा न करें-
-खाली पेट धूप में बाहर न जाएं।
-ज्यादा तला-भुना और बासी भोजन खाने से बचें।
-लंबे समय तक बंद वाहन में न बैठें।
- तेज धूप से आने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी न पीएं।
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वर्जन :
इन दिनों अस्पताल में गर्मी लगने के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मरीजों को सलाह दी जाती है कि तेज बुखार, लगातार उल्टी, चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें और लापरवाही न बरतें।
- डॉ. दीपक गोयल, प्रवक्ता, जिला नागरिक अस्पताल
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करनाल। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों रोजाना 2 हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 400 से 500 मरीज ऐसे हैं जो गर्मी से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं। अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मरीज उल्टी-दस्त, तेज बुखार, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और हीट एक्सॉशन जैसी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में नागरिक अस्पताल की ओपीडी में 1500 से 1600 तक मरीज पहुंचते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी में लगातार ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिन्हें शरीर में पानी की कमी, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत है। कई मरीजों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। अस्पताल में सुबह से ही पर्ची काउंटर और ओपीडी के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। जनरल मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।
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दोपहर में बाहर निकलने से बिगड़ रही तबीयत
डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। इस दौरान बाहर निकलने वाले लोगों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। मजदूरी करने वाले, रिक्शा चालक, डिलीवरी बॉय और खेतों में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
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बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
अस्पताल में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के मरीज भी लगातार बढ़ रहे हैं। बच्चों में उल्टी-दस्त और तेज बुखार की शिकायत सामने आ रही है, जबकि बुजुर्गों में कमजोरी और ब्लड प्रेशर असंतुलित होने की समस्या देखी जा रही है। डॉक्टरों ने परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जरूरी उपाय-
- दिनभर में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें।
- घर से निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
- ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें।
- हल्का और ताजा भोजन खाएं।
- बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा देर धूप में न रखें।
ऐसा न करें-
-खाली पेट धूप में बाहर न जाएं।
-ज्यादा तला-भुना और बासी भोजन खाने से बचें।
-लंबे समय तक बंद वाहन में न बैठें।
- तेज धूप से आने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी न पीएं।
वर्जन :
इन दिनों अस्पताल में गर्मी लगने के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मरीजों को सलाह दी जाती है कि तेज बुखार, लगातार उल्टी, चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें और लापरवाही न बरतें।
- डॉ. दीपक गोयल, प्रवक्ता, जिला नागरिक अस्पताल