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Karnal News: जिला अस्पताल में महिला की मौत गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
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करनाल। पेट दर्द की शिकायत लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंची 59 वर्षीय शांति देवी की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में दो इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला की हालत बिगड़ी। गलत इंजेक्शन लगाए गए। अस्पताल प्रबंधन ने गलत इंजेक्शन देने के आरोप को खारिज किया है। प्रबंधन के अनुसार, महिला की हालत पहले से गंभीर थी।
परिवार से जुड़े अखिल ने बताया कि शांति देवी का चंडीगढ़ से इलाज चल रहा था। पेट में दर्द की शिकायत होने पर उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। जैसे ही उन्हें दो इंजेक्शन लगाए गए उनको बेचैनी और घबराहट होने लगी। पसीना आने लगा। चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर होने पर उन्हें कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाने की बात कही। परिवार के सदस्य एंबुलेंस की व्यवस्था करने के लिए गए लेकिन इसी दौरान शांति देवी की मौत हो गई।
अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि महिला की शुगर 550 से अधिक थी। उसका बीपी भी बढ़ा हुआ था और ईसीजी में भी दिक्कत सामने आई थी। उन्होंने बताया कि महिला को आवश्यक उपचार और इंसुलिन दी गई थी।
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डॉ. गोयल के अनुसार महिला की हालत को देखते हुए उसके बेटे को बुलाकर स्थिति समझाई गई थी कि मरीज को आईसीयू में रखने की जरूरत पड़ सकती है और उच्च चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता हो सकती है। अस्पताल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि परिजन की ओर से गलत इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले की पुलिस को सूचना दी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल स्तर पर इंटरनल डेथ रिव्यू भी किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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परिवार से जुड़े अखिल ने बताया कि शांति देवी का चंडीगढ़ से इलाज चल रहा था। पेट में दर्द की शिकायत होने पर उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। जैसे ही उन्हें दो इंजेक्शन लगाए गए उनको बेचैनी और घबराहट होने लगी। पसीना आने लगा। चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर होने पर उन्हें कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाने की बात कही। परिवार के सदस्य एंबुलेंस की व्यवस्था करने के लिए गए लेकिन इसी दौरान शांति देवी की मौत हो गई।
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अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि महिला की शुगर 550 से अधिक थी। उसका बीपी भी बढ़ा हुआ था और ईसीजी में भी दिक्कत सामने आई थी। उन्होंने बताया कि महिला को आवश्यक उपचार और इंसुलिन दी गई थी।
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डॉ. गोयल के अनुसार महिला की हालत को देखते हुए उसके बेटे को बुलाकर स्थिति समझाई गई थी कि मरीज को आईसीयू में रखने की जरूरत पड़ सकती है और उच्च चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता हो सकती है। अस्पताल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि परिजन की ओर से गलत इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले की पुलिस को सूचना दी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल स्तर पर इंटरनल डेथ रिव्यू भी किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।