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Karnal News: गर्म क्षेत्र में भी होगा सेब का उत्पादन, तीन किस्में हो रही तैयार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2026 02:23 AM IST
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Apple production will also be possible in the warmer regions, with three varieties being prepared.
अंजनथली ​स्थित खेत में लगाए गए सेब के पौधे। स्वयं
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सेब की तीन नई किस्में तैयार की जा रही हैं, जिन्हें ठंडे नहीं बल्कि करनाल जैसे गर्म एवं सामान्य मौसम वाले क्षेत्र में लगाकर भी उत्पादन किया जा सकेगा। इसे लेकर महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के रिसर्च फार्म अंजनथली नीलोखेड़ी में सेब की तीन किस्मों पर अनुसंधान किया जा रहा है। ये अन्ना, गेल गला, डोर सेट किस्म कम तापमान में पैदा होने वाली (लो चिलिंग) हैं। डोर सेट मुख्य रूप से परागणकर्ता किस्म है जो फसल में परागण के लिए लगाई जाती है।
आने वाले समय में जिले की धरती पर सेब भी उग सकेंगे। यहां के वातावरण में सेब के पेड़ बड़े होंगे और बेहतरीन फल भी देंगे। सेब की विभिन्न किस्मों को करनाल रीजन में लगाने के पीछे मकसद ये है कि पता लगाया जा सके कि उपरोक्त किस्में कितनी सफल होंगी और यहां के वातावरण के कितनी अनुकूल रहेंगी। 2024 से शुरू हुए शोध में अब तक परिणाम काफी सकारात्मक सामने आए है, जिन्हें देखकर वैज्ञानिक उत्साहित हैं।
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शोध पूरा होने पर किसानों को देंगे बीज
कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि सेब की किस्मों को पंजाब यूनिवर्सिटी लुधियाना और हिमाचल प्रदेश सोलन से लाया गया है। सभी रीजनल सेंटरों पर वातावरण अनुसार विभिन्न किस्मों पर शोध सफल होने पर नवीनतम जानकारियों को किसानों तक पहुंचाया जाएगा ताकि किसान न केवल ज्यादा उत्पादन करें साथ ही गुणवत्तायुक्त भी हो, पोषणयुक्त हो। उन्होंने बताया कि सेब पर शोध पूरा होने में अभी कुछ समय और लगेगा।
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नई तकनीक से सुधरेगी स्थिति और बढ़ेगी आय
केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से किसानों के हित के लिए अनेक कृषि व बागवानी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनका फायदा उठाकर किसान और तेजी से खेती-किसानी में परंपरागत तरीकों को छोड़कर नए तकनीक अपनाकर और तेजी से खेती-किसानी को लाभदायक बना सकते हैं। जो पर्यावरणीय अनुकूल भी साबित हो सकेंगी।
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