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Karnal News: बगलामुखी जयंती कल, सिद्धि और शुभ योग का दुर्लभ संयोग
Thu, 23 Apr 2026 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:16 AM IST
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रामदेव कालोनी के बगलामुखी मंदिर में स्थापित मां बगला मुखी जी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शुक्रवार को वैशाख शुक्ल अष्टमी पर मां बगलामुखी जयंती अत्यंत दुर्लभ संयोग में मनाई जाएगी। रामदेव काॅलोनी स्थित मां बगलामुखी मंदिर के संस्थापक पंडित अनिल के अनुसार मां बगलामुखी जयंती पर लगभग 12 साल बाद, अष्टमी तिथि के साथ सिद्धि और शुभ योग का विशेष संयोग बन रहा है। यह तांत्रिक साधना, शत्रु नाशक पूजा और वाणी सिद्धि के लिए सर्वोत्तम और फलदायी समय है।
वहीं, शुक्रवार को सुबह 10 बजे मंदिर में मां की पूजा और हवन का आयोजन होगा। मंदिर के महंत वैभव शर्मा, पुजारी इशांत और उदय शर्मा के अनुसार, मंदिर में पूरा दिन मां बगलामुखी की पूजा और भंडारा चलता रहेगा। शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:25 से शाम 05:13 बजे या अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे और दोपहर 12:50 बजे पूजा के लिए सबसे उत्तम है।
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बगलामुखी जयंती के दुर्लभ संयोग का महत्व इस प्रकार है
शत्रु बाधा का नाश... मां बगलामुखी को स्तंभन (रोकने) की देवी माना जाता है, इस दुर्लभ संयोग में पूजा करने से विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है।
वाणी की सिद्धि... माता की कृपा से वाणी में प्रभाव और नियंत्रण आता है।
न्यायिक विजय... कोर्ट-कचहरी और कानूनी मामलों में सफलता के लिए यह दिन विशेष है।
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करनाल। शुक्रवार को वैशाख शुक्ल अष्टमी पर मां बगलामुखी जयंती अत्यंत दुर्लभ संयोग में मनाई जाएगी। रामदेव काॅलोनी स्थित मां बगलामुखी मंदिर के संस्थापक पंडित अनिल के अनुसार मां बगलामुखी जयंती पर लगभग 12 साल बाद, अष्टमी तिथि के साथ सिद्धि और शुभ योग का विशेष संयोग बन रहा है। यह तांत्रिक साधना, शत्रु नाशक पूजा और वाणी सिद्धि के लिए सर्वोत्तम और फलदायी समय है।
वहीं, शुक्रवार को सुबह 10 बजे मंदिर में मां की पूजा और हवन का आयोजन होगा। मंदिर के महंत वैभव शर्मा, पुजारी इशांत और उदय शर्मा के अनुसार, मंदिर में पूरा दिन मां बगलामुखी की पूजा और भंडारा चलता रहेगा। शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:25 से शाम 05:13 बजे या अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे और दोपहर 12:50 बजे पूजा के लिए सबसे उत्तम है।
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बगलामुखी जयंती के दुर्लभ संयोग का महत्व इस प्रकार है
शत्रु बाधा का नाश... मां बगलामुखी को स्तंभन (रोकने) की देवी माना जाता है, इस दुर्लभ संयोग में पूजा करने से विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है।
वाणी की सिद्धि... माता की कृपा से वाणी में प्रभाव और नियंत्रण आता है।
न्यायिक विजय... कोर्ट-कचहरी और कानूनी मामलों में सफलता के लिए यह दिन विशेष है।