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Karnal News: पांच दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझे भुवनेश ने तोड़ा दम, चार पर हत्या की प्राथमिकी
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मृतक भुवनेश का फाइल फोटो
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करनाल। मेरठ रोड स्थित गौरव ढाबे के पास 11 मई की रात को दो गाड़ियों से कुचलने पर गंभीर रूप से घायल मेरठ रोड निवासी भुवनेश (24) की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वारदात के बाद पुलिस अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है। ऐसे में शनिवार को युवक की मौत के बाद परिजन भड़क गए और हंगामा करते हुए पोस्टमार्टम कराने से भी इन्कार कर दिया था। बाद में पुलिस ने पुराने दर्ज मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी तो परिजन शांत हुए। चारों आरोपी करनाल के बताए जा रहे हैं। उनके पास दो कार थीं, इनमें से एक पर करनाल का नंबर था जबकि दूसरी पर गुरुग्राम का नंबर बताया गया है।
मृतक के दादा सुरेश नंबरदार ने बताया कि 11 मई की रात भुवनेश अपने तीन दोस्तों के साथ मेरठ रोड स्थित गौरव ढाबे पर खाना खाने गया था। इसी दौरान वहां एक वर्ना कार आई, जिसमें सवार युवक कुछ देर तक वहां रुकने के बाद चले गए। उस समय भुवनेश अपनी गाड़ी के पास खड़े होकर दोस्तों के साथ फोटो खिंचवा रहा था। कुछ देर बाद वहीं कार एक अन्य कार के साथ दोबारा ढाबे पर पहुंची। दोनों कारों में 12 से 15 युवक सवार थे जो भुवनेश से बहस करने लगे। दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की पुरानी रंजिश भी नहीं थी लेकिन मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
आरोप है कि पहले आरोपियों ने भुवनेश को पीटा और फिर उसे जान से मारने की नीयत से गाड़ी से टक्कर मार दी। इसके बाद मौके पर मौजूद दूसरी गाड़ी ने भी भुवनेश के ऊपर से गुजरी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग गए। जांच अधिकारी एवं सेक्टर चार चौकी प्रभारी राजन ने बताया कि मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा जोड़ दी गई हैं। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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करनाल के बाद मोहाली में चला उपचार
गंभीर रूप से घायल भुवनेश को परिजन तुरंत निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत नाजुक बनी रही। बाद में बेहतर इलाज के लिए मोहाली के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शनिवार को भुवनेश ने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद परिजनों में रोष
पिता राजीव चौधरी का आरोप है कि वारदात के बाद ही पुलिस को सभी सबूत और आरोपियों की जानकारी दे दी गई थी लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और अस्पताल परिसर में हंगामा किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझाया और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया तो परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
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मृतक के दादा सुरेश नंबरदार ने बताया कि 11 मई की रात भुवनेश अपने तीन दोस्तों के साथ मेरठ रोड स्थित गौरव ढाबे पर खाना खाने गया था। इसी दौरान वहां एक वर्ना कार आई, जिसमें सवार युवक कुछ देर तक वहां रुकने के बाद चले गए। उस समय भुवनेश अपनी गाड़ी के पास खड़े होकर दोस्तों के साथ फोटो खिंचवा रहा था। कुछ देर बाद वहीं कार एक अन्य कार के साथ दोबारा ढाबे पर पहुंची। दोनों कारों में 12 से 15 युवक सवार थे जो भुवनेश से बहस करने लगे। दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की पुरानी रंजिश भी नहीं थी लेकिन मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
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आरोप है कि पहले आरोपियों ने भुवनेश को पीटा और फिर उसे जान से मारने की नीयत से गाड़ी से टक्कर मार दी। इसके बाद मौके पर मौजूद दूसरी गाड़ी ने भी भुवनेश के ऊपर से गुजरी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग गए। जांच अधिकारी एवं सेक्टर चार चौकी प्रभारी राजन ने बताया कि मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा जोड़ दी गई हैं। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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करनाल के बाद मोहाली में चला उपचार
गंभीर रूप से घायल भुवनेश को परिजन तुरंत निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत नाजुक बनी रही। बाद में बेहतर इलाज के लिए मोहाली के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शनिवार को भुवनेश ने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद परिजनों में रोष
पिता राजीव चौधरी का आरोप है कि वारदात के बाद ही पुलिस को सभी सबूत और आरोपियों की जानकारी दे दी गई थी लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और अस्पताल परिसर में हंगामा किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझाया और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया तो परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।

मृतक भुवनेश का फाइल फोटो