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Karnal News: तीसरे दिन दिल्ली नहीं गए मालवाहक, सप्ताहांत होने से नुकसान कम
Sun, 24 May 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 24 May 2026 01:41 AM IST
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करनाल। दिल्ली में बीएस-4 के वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश को बंद करने व अन्य वाहनों पर एनजीटी टैक्स लगाने के विरोध में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। तीसरे दिन भी दिल्ली की तरफ से न तो माल आया और न ही गया। कुछ ट्रांसपोर्टरों ने स्थानीय चक्कर ही लगाए। सप्ताहांत होने से नुकसान कम होने का अनुमान है। हालांकि बाहर से आने वाले फल और सब्जियों के खराब होने व कीमत बढ़ने की संभावना है।
विदित हो कि दिल्ली की ओर जाने के लिए करनाल जिले से 550 ट्रक, कैंटर और अन्य माल वाहकों का संचालन होता है। इस दिशा के लिए इनके पहिये थमे रहे। हड़ताल के कारण अलग-अलग वर्गों का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
भारत ट्रक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर हुए तीन दिवसीय चक्का जाम से कारोबारियोंं को भी परेशानी झेलनी पड़ी। यूनियन के राष्ट्रीय प्रभारी मोहित नरवाल और जिलाध्यक्ष नरेंद्र का कहना है कि दिल्ली में हुई बैठक के दौरान बीएस-6 वाहनों पर लगने वाले टैक्स में छूट को लेकर सहमति बनी है। अन्य मांगों पर अभी विचार चल रहा है। उनका कहना है कि यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो ट्रांसपोर्टरों के अलावा जनता पर भी बोझ पड़ेगा। क्योंकि भाड़ा बढ़ जाएगा, इससे सामान के रेट भी बढ़ेंगे।
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विदित हो कि दिल्ली की ओर जाने के लिए करनाल जिले से 550 ट्रक, कैंटर और अन्य माल वाहकों का संचालन होता है। इस दिशा के लिए इनके पहिये थमे रहे। हड़ताल के कारण अलग-अलग वर्गों का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
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भारत ट्रक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर हुए तीन दिवसीय चक्का जाम से कारोबारियोंं को भी परेशानी झेलनी पड़ी। यूनियन के राष्ट्रीय प्रभारी मोहित नरवाल और जिलाध्यक्ष नरेंद्र का कहना है कि दिल्ली में हुई बैठक के दौरान बीएस-6 वाहनों पर लगने वाले टैक्स में छूट को लेकर सहमति बनी है। अन्य मांगों पर अभी विचार चल रहा है। उनका कहना है कि यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो ट्रांसपोर्टरों के अलावा जनता पर भी बोझ पड़ेगा। क्योंकि भाड़ा बढ़ जाएगा, इससे सामान के रेट भी बढ़ेंगे।
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