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Karnal News: यूजीसी के नए नियमों के तहत व्यवस्था बनाने में जुटे कॉलेज, अधिसूचना का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। उच्चतर शिक्षा संस्थानों में यूजीसी बिल-2026 के तहत नए नियम लागू करने के लिए सभी कॉलेज व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। मंथन भी किया जा रहा है। आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार है।
यूजीसी बिल-2026 के तहत हर कॉलेज में तीन कमेटी और एक इक्विटी स्क्वाॅड बनाई जानी है। नए नियमों का उद्देश्य उच्चतर शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, समान अवसर सुनिश्चित करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। इसके तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जवाबदेही तय करने, भेदभाव से जुड़े मामलों पर सख्त निगरानी रखने, छात्रों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और संस्थानों में समान अवसर केंद्र जैसी व्यवस्थाएं लागू करने का प्रावधान किया गया है। नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी उच्चतर शिक्षण संस्थानों को यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
नया नियम-
13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शिक्षण संस्थानों में समता के संवर्धन के लिए यूजीसी समता विनियम 2026 को अधिसूचित किया। उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्मस्थान या दिव्यांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करना है। यह नियम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विकलांग व्यक्तियों को किसी भी तरह के भेदभाव से सुरक्षा देता है।
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यूजीसी बिल-2026 के नियम राष्ट्रीय स्तर पर जारी किए जा चुके हैं लेकिन जिले में इन्हें लागू करने के लिए राज्य या उच्च स्तर से आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार किया जा रहा है। दिशा-निर्देश के अनुसार इन्हें लागू कराया जाएगा। -प्रो. डॉ. अनीता जून, उच्चतर जिला शिक्षा अधिकारी
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यूजीसी बिल-2026 के तहत हर कॉलेज में तीन कमेटी और एक इक्विटी स्क्वाॅड बनाई जानी है। नए नियमों का उद्देश्य उच्चतर शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, समान अवसर सुनिश्चित करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। इसके तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जवाबदेही तय करने, भेदभाव से जुड़े मामलों पर सख्त निगरानी रखने, छात्रों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और संस्थानों में समान अवसर केंद्र जैसी व्यवस्थाएं लागू करने का प्रावधान किया गया है। नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी उच्चतर शिक्षण संस्थानों को यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
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नया नियम-
13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शिक्षण संस्थानों में समता के संवर्धन के लिए यूजीसी समता विनियम 2026 को अधिसूचित किया। उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्मस्थान या दिव्यांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करना है। यह नियम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विकलांग व्यक्तियों को किसी भी तरह के भेदभाव से सुरक्षा देता है।
यूजीसी बिल-2026 के नियम राष्ट्रीय स्तर पर जारी किए जा चुके हैं लेकिन जिले में इन्हें लागू करने के लिए राज्य या उच्च स्तर से आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार किया जा रहा है। दिशा-निर्देश के अनुसार इन्हें लागू कराया जाएगा। -प्रो. डॉ. अनीता जून, उच्चतर जिला शिक्षा अधिकारी