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धान-गेहूं की खेती में फसल विविधिकरण सहायक : डॉ. राजेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:58 AM IST
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मूनक। प्राकृतिक खेती व फसल विविधिकरण को लेकर बुधवार को हरियाणा विज्ञान मंच की ओर से खंड के गांव पाढ़ा में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें मंच के राज्य कमेटी सदस्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को धान-गेहूं के फसल चक्र की वजह से खेती में कई समस्याएं सामने आ रही हैं। उसके लिए फसल विविधिकरण अपनाना बहुत आवश्यक है। गांव पाढ़ा से दीपक कुमार ने उपस्थित मजदूरों को प्राकृतिक विधि से सब्जी लगाने के लिए एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। सुरेंद्र बसताड़ा ने प्राकृतिक विधि से न्यूट्रिटिव किचन गार्डनिंग के अनुभव को साझा किया। उन्होंने हल्दी की खेती प्राकृतिक विधि से करने के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर तिलक राज, नीलम, रजवंती, सरोज, रीना, गीता, बिर्माती आदि उपस्थित रहीं। संवाद
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