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Karnal News: करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद निगदू उप-तहसील बदहाल
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निगदू गांव में बना राजकीय विद्यालय संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले की निगदू उप-तहसील, जिसे वर्ष 2012 में बनाया गया था, आज अव्यवस्थाओं का शिकार होती नजर आ रही है। प्रदेश सरकार ने इस उप-तहसील के निर्माण और बुनियादी ढांचे पर करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च किए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उप-तहसील में अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने का कोई निर्धारित समय नहीं है।
लोग सुबह से शाम तक इंतजार करते रहते हैं, लेकिन कई बार बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ता है। वहीं उप-तहसील परिसर में मूलभूत सुविधाओं का भी भारी अभाव है। लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। तहसीलदार की स्थाई नियुक्ति नहीं होने और पटवारियों के समय पर न पहुंचने के कारण लोगों को रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जमाबंदी, इंतकाल, नकल और अन्य जरूरी दस्तावेजों के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
उप-तहसील में अव्यवस्थाओं का हो समाधान
संदीप अरोड़ा ने कहा कि निगदू उप-तहसील में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य किए जाते हैं। ऐसे में अव्यवस्थाओं के कारण आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका समाधाना होना चाहिए।
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पीने के पानी व शाैचालयों का अभाव
सरदार कुलवंत सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में पीने के पानी की उचित व्यवस्था न होने से लोग बेहाल रहते हैं। इसके अलावा महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग तथा साफ-सुथरे शौचालयों की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।
तहसीलदार व पटवारी की हो नियमित उपस्थिति
विरेंद्र राणा ने बताया कि क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि उप-तहसील में तहसीलदार और पटवारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए व लोगों के लिए बैठने, पीने के पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त किया जाए।
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करनाल। जिले की निगदू उप-तहसील, जिसे वर्ष 2012 में बनाया गया था, आज अव्यवस्थाओं का शिकार होती नजर आ रही है। प्रदेश सरकार ने इस उप-तहसील के निर्माण और बुनियादी ढांचे पर करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च किए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उप-तहसील में अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने का कोई निर्धारित समय नहीं है।
लोग सुबह से शाम तक इंतजार करते रहते हैं, लेकिन कई बार बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ता है। वहीं उप-तहसील परिसर में मूलभूत सुविधाओं का भी भारी अभाव है। लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। तहसीलदार की स्थाई नियुक्ति नहीं होने और पटवारियों के समय पर न पहुंचने के कारण लोगों को रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जमाबंदी, इंतकाल, नकल और अन्य जरूरी दस्तावेजों के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
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उप-तहसील में अव्यवस्थाओं का हो समाधान
संदीप अरोड़ा ने कहा कि निगदू उप-तहसील में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य किए जाते हैं। ऐसे में अव्यवस्थाओं के कारण आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका समाधाना होना चाहिए।
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पीने के पानी व शाैचालयों का अभाव
सरदार कुलवंत सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में पीने के पानी की उचित व्यवस्था न होने से लोग बेहाल रहते हैं। इसके अलावा महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग तथा साफ-सुथरे शौचालयों की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।
तहसीलदार व पटवारी की हो नियमित उपस्थिति
विरेंद्र राणा ने बताया कि क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि उप-तहसील में तहसीलदार और पटवारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए व लोगों के लिए बैठने, पीने के पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त किया जाए।