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Karnal News: कंगना रनौत के गटर छाप बयान पर हरियाणा महिला आयोग की दोटूक, बोलीं- ऐसे शब्दों की समाज में कोई जगह नहीं
Thu, 30 Jul 2026 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:24 AM IST
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महिला पुलिस थाने का निरीक्षण करती हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार। सूचना विभा
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करनाल। हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत के हालिया बयान को अनुचित बताया है। बुधवार को शहर दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति, चाहे वह महिला हो या पुरुष, को किसी के लिए अपमानजनक और असम्मानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। समाज में ऐसी भाषा के लिए कोई स्थान नहीं है। आलोचना मर्यादित एवं सम्मानजनक तरीके से की जानी चाहिए।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल युवतियों पर टिप्पणी करते हुए गटर छाप शब्द का प्रयोग किया था। इस बयान पर देशभर में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पत्रकारों की ओर पूछे गए सवाल के उत्तर में महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है और किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है।
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इस दौरान मीना परमार ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। महिला कैदियों एवं बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रहीं सुविधाओं की जानकारी ली। बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काउंसिलिंग और पुनर्वास कार्यक्रम के बारे में जाना।
पुस्तकालय में धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रेरणादायक पुस्तकों की उपलब्धता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार का साहित्य महिला बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हो सकता है।
सरकारी अस्पताल में मरीजों से की बात
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने नागरिक अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने मित्रता क्लीनिक, प्रसूति वार्ड, प्रयोगशाला (लैब) और विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अधिकांश मरीज अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं और डॉक्टरों के व्यवहार से संतुष्ट मिले। उन्होंने पिंक ओपीडी को सराहनीय पहल बताया। जेल और नागरिक अस्पताल में महिला शौचालयों की सफाई को संतोषजनक नहीं पाया। सुधार के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर (सखी) का भी दौरा किया।
महिला पुलिस थाने में मासिक रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने दो पीड़ित महिलाओं से फोन पर बातचीत कर पुलिस की कार्रवाई के बारे में जाना। जिला कारागार में अधीक्षक लखबीर सिंह, संरक्षण अधिकारी सविता राणा, सीडीपीओ रजनी राणा उपस्थित रहीं। नागरिक अस्पताल में सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी, पीएमओ डॉ. सरिता बिश्रोई, डॉ. दीपक गोयल आदि मौजूद रहे। महिला थाना निरीक्षण के समय डीएसपी संदीप, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कविता गोयत, भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री सुमित्रा परोचा, रजनी कीर्ति, मंडल अध्यक्ष निधि गुलाटी और सुनील मोर आदि मौजूद रहे।
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भाजपा सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल युवतियों पर टिप्पणी करते हुए गटर छाप शब्द का प्रयोग किया था। इस बयान पर देशभर में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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पत्रकारों की ओर पूछे गए सवाल के उत्तर में महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है और किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है।
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इस दौरान मीना परमार ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। महिला कैदियों एवं बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रहीं सुविधाओं की जानकारी ली। बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काउंसिलिंग और पुनर्वास कार्यक्रम के बारे में जाना।
पुस्तकालय में धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रेरणादायक पुस्तकों की उपलब्धता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार का साहित्य महिला बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हो सकता है।
सरकारी अस्पताल में मरीजों से की बात
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने नागरिक अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने मित्रता क्लीनिक, प्रसूति वार्ड, प्रयोगशाला (लैब) और विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अधिकांश मरीज अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं और डॉक्टरों के व्यवहार से संतुष्ट मिले। उन्होंने पिंक ओपीडी को सराहनीय पहल बताया। जेल और नागरिक अस्पताल में महिला शौचालयों की सफाई को संतोषजनक नहीं पाया। सुधार के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर (सखी) का भी दौरा किया।
महिला पुलिस थाने में मासिक रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने दो पीड़ित महिलाओं से फोन पर बातचीत कर पुलिस की कार्रवाई के बारे में जाना। जिला कारागार में अधीक्षक लखबीर सिंह, संरक्षण अधिकारी सविता राणा, सीडीपीओ रजनी राणा उपस्थित रहीं। नागरिक अस्पताल में सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी, पीएमओ डॉ. सरिता बिश्रोई, डॉ. दीपक गोयल आदि मौजूद रहे। महिला थाना निरीक्षण के समय डीएसपी संदीप, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कविता गोयत, भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री सुमित्रा परोचा, रजनी कीर्ति, मंडल अध्यक्ष निधि गुलाटी और सुनील मोर आदि मौजूद रहे।