सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Housing Board will have to pay interest on the deposit amount after not giving flat for eight years

Karnal News: आठ साल तक नहीं दिया फ्लैट, हाउसिंग बोर्ड को देना होगा जमा राशि पर ब्याज

संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 30 Mar 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
Housing Board will have to pay interest on the deposit amount after not giving flat for eight years
विज्ञापन
करनाल।
Trending Videos

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हरियाणा हाउसिंग बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने बोर्ड को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता की ओर से जमा कराई गई राशि पर नाै प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे और मानसिक उत्पीड़न व मुकदमेबाजी पर आए खर्च के ताैर पर 36 हजार रुपये का मुआवजा भी प्रदान करे।

आयोग के फैसले के अनुसार, बुढ़नपुर आबाद निवासी पूर्व सैनिक राजेंद्र सिंह ने वर्ष 2014-15 में पिंजौर के सेक्टर-28 में एक फ्लैट (टाइप-ए) के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से 12 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेकर कुल 5.77 लाख रुपये हाउसिंग बोर्ड में जमा कराए। बोर्ड ने बाद में पिंजौर परियोजना को रद्द कर दिया लेकिन राजेंद्र सिंह को न तो कोई वैकल्पिक फ्लैट दिया और न ही उनकी राशि लौटाई। वर्षों तक विभाग के चक्कर काटने के बाद राजेंद्र सिंह ने थक-हारकर अगस्त, 2023 में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्य नीरू अग्रवाल व सर्वजीत कौर की पीठ ने पाया कि शिकायत दर्ज होने के बाद (दिसंबर 2023 में) बोर्ड ने आनन-फानन में पंचकूला के सेक्टर-31 में शिकायतकर्ता को एक फ्लैट आवंटित किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि बोर्ड ने शिकायतकर्ता के 5.77 लाख रुपये का उपयोग आठ वर्षों से अधिक समय तक किया जबकि शिकायतकर्ता बैंक को भारी ब्याज चुका रहा था। आयोग ने इसे सेवा में कोताही और अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया।
45 दिनों में करना होगा आदेश का पालन
आयोग ने बोर्ड को 5.77 लाख रुपये की जमा राशि पर जमा करने की तिथि से लेकर आवंटन तिथि (13 दिसंबर 2023) तक नाै प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए। उपभोक्ता को हुई मानसिक पीड़ा और परेशानी के लिए 25 हजार रुपये का हर्जाना भी देना होगा। मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में 11 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। इस आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है।

---

हाउसिंग बोर्ड का पक्ष और विफलता

सुनवाई के दौरान हाउसिंग बोर्ड ने तर्क दिया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को पंचकूला में फ्लैट नंबर 404 आवंटित कर दिया है और जमा राशि को उसमें समायोजित कर दिया गया है। आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया, क्योंकि बोर्ड ने आठ साल तक पैसे रखने के बावजूद उस पर कोई ब्याज नहीं दिया था जिससे उपभोक्ता को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed