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करनाल बॉबी हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर बड़ा विवाद, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:36 PM IST
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सार
परिजनों ने मीडिया के सामने दोनों रिपोर्टों की तुलना करते हुए जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। समाज के प्रतिनिधियों और परिजनों का कहना है कि चंडीगढ़ पीजीआई से जो विस्तृत रिपोर्ट आई है, उसमें मृतक के शरीर पर कई जगह गंभीर फ्रैक्चर दिखाए गए हैं।
परिजन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
करनाल के चर्चित बॉबी हत्याकांड में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। चंडीगढ़ पीजीआई से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मृतक के परिजनों और समाज के लोगों में जिला प्रशासन और स्थानीय डॉक्टरों के खिलाफ भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि करनाल के डॉक्टरों ने मामले को रफा-दफा करने या लापरवाही बरतने के उद्देश्य से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां छिपाईं, जिनका खुलासा अब की रिपोर्ट में हुआ है।
पीजीआई की रिपोर्ट में कई फ्रैक्चर का खुलासा
परिजनों ने मीडिया के सामने दोनों रिपोर्टों की तुलना करते हुए जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। समाज के प्रतिनिधियों और परिजनों का कहना है कि चंडीगढ़ पीजीआई से जो विस्तृत रिपोर्ट आई है, उसमें मृतक के शरीर पर कई जगह गंभीर फ्रैक्चर दिखाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करनाल के स्थानीय डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट में इन फ्रैक्चरों का कोई जिक्र ही नहीं था।
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परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि अगर हम चंडीगढ़ पीजीआई से दोबारा पोस्टमार्टम नहीं करवाते, तो हमें कभी पता ही नहीं चलता कि हमारे बेटे के साथ कितनी बेरहमी की गई थी। करनाल की रिपोर्ट देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा।
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सिर का हिस्सा खुला छोड़ने का आरोप
परिजनों ने करनाल के डॉक्टरों पर बेहद संवेदनशील और गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करनाल में हुए पहले पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने शव के सिर के हिस्से को ठीक से बंद करने के बजाय वैसे ही खुला छोड़ दिया।
इस घोर लापरवाही का परिणाम यह हुआ कि शव को चंडीगढ़ ले जाते समय और वहां रखे जाने के दौरान दिमाग का अंदरूनी हिस्सा पानी बनकर बह गया। इस वजह से चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों को दोबारा पोस्टमार्टम करने और मौत के सटीक कारणों का विश्लेषण करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
करंट और अंदरूनी चोटों की आशंका
मृतक के परिजनों के अनुसार, चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड के चेयरमैन से जब उनकी बातचीत हुई, तो उन्होंने प्राथमिक तौर पर दो बेहद महत्वपूर्ण आशंकाएं जताई थीं। जिसमें मृतक के पैर पर बिजली का करंट लगाए जाने जैसे निशान होने की आशंका जताई गई है। वहीं, सिर के साथ-साथ शरीर के दोनों तरफ (पाशों/पसलियों में) गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।
इंसाफ की मांग को लेकर गरमाया माहौल
इस खुलासे के बाद स्थानीय समाज और परिजनों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। परिजनों ने अब इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और लापरवाही बरतने वाले करनाल के डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।