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Karnal News: वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना
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वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना
- फोटो : वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना
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महिलाओं ने 16 शृंगार कर वट वृक्ष का किया पूजन, बांधा पीला धागा
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शनिवार सुबह सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत रखा और वट वृक्ष की पूजा की। महिलाओं ने 16 शृंगार कर विधि-विधान से वट वृक्ष के नीचे बैठकर पूजा कर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
श्री बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि इस व्रत को रखने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने कहा कि वट सावित्री व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा रखा जाता है, जिसमें वट वृक्ष का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वट वृक्ष का तना भगवान विष्णु का और ऊपरी भाग भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। इस पवित्र वृक्ष के नीचे पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पौराणिक कथा का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और दृढ़ निश्चय से अपने पति सत्यवान को यमराज से पुनः प्राप्त किया था। इसी आस्था के चलते महिलाएं यह व्रत रखकर अपने वैवाहिक जीवन की सुख-शांति और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। शनिवार को सेक्टर-7 के पीछे और सेक्टर-9 स्थित वट वृक्षों के पास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाएं पूजा की थाली में चावल, फल, फूल और अक्षत लेकर पहुंचीं। उन्होंने वट वृक्ष के चारों ओर लाल या पीले धागे को सात बार लपेटकर परिक्रमा की और सिंदूर अर्पित कर प्रार्थना की। पूजा के दौरान ननद ने भाभी की मांग में सिंदूर भर कर अपने भाई की लंबी उम्र की कामना की।
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घर पर बनाए व्यंजन
महिला मीना ने बताया कि उनकी बेटी और बहू दोनों ने वट सावित्री व्रत रखा है, जिसका पारायण रविवार सुबह मलमास लगते ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस व्रत के लिए घर पर ही गुलगुले सहित अन्य पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। महिलाएं वट वृक्ष की पूजा के दौरान हाथ के पंखे से हवा करती हैं और गुड्डा-गुड़िया अर्पित कर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शनिवार सुबह सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत रखा और वट वृक्ष की पूजा की। महिलाओं ने 16 शृंगार कर विधि-विधान से वट वृक्ष के नीचे बैठकर पूजा कर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
श्री बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि इस व्रत को रखने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने कहा कि वट सावित्री व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा रखा जाता है, जिसमें वट वृक्ष का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वट वृक्ष का तना भगवान विष्णु का और ऊपरी भाग भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। इस पवित्र वृक्ष के नीचे पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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पौराणिक कथा का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और दृढ़ निश्चय से अपने पति सत्यवान को यमराज से पुनः प्राप्त किया था। इसी आस्था के चलते महिलाएं यह व्रत रखकर अपने वैवाहिक जीवन की सुख-शांति और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। शनिवार को सेक्टर-7 के पीछे और सेक्टर-9 स्थित वट वृक्षों के पास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाएं पूजा की थाली में चावल, फल, फूल और अक्षत लेकर पहुंचीं। उन्होंने वट वृक्ष के चारों ओर लाल या पीले धागे को सात बार लपेटकर परिक्रमा की और सिंदूर अर्पित कर प्रार्थना की। पूजा के दौरान ननद ने भाभी की मांग में सिंदूर भर कर अपने भाई की लंबी उम्र की कामना की।
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घर पर बनाए व्यंजन
महिला मीना ने बताया कि उनकी बेटी और बहू दोनों ने वट सावित्री व्रत रखा है, जिसका पारायण रविवार सुबह मलमास लगते ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस व्रत के लिए घर पर ही गुलगुले सहित अन्य पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। महिलाएं वट वृक्ष की पूजा के दौरान हाथ के पंखे से हवा करती हैं और गुड्डा-गुड़िया अर्पित कर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं।
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वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना- फोटो : वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना
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वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना- फोटो : वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना
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वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना- फोटो : वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना