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Karnal News: मुलाना विधायक ने उठाया जिसका खेत, उसकी रेत का मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:43 AM IST
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मुलाना। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक पूजा चौधरी ने बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन पर सरकार को घेरा। उन्होंने जिसका खेत, उसकी रेत मॉडल लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में खोदाई केवल पंचायती भूमि तक सीमित है। जबकि निजी जमीनों से होकर गुजरने वाली नदियों की अनदेखी की जा रही है। जो हर साल बाढ़ का कारण बनती हैं। मुलाना में भी बाढ़ के हालात बने थे। जिससे किसानों को खेतों से रेत निकालना भी काफी मुश्किल हो गया था।
नदियों की खोदाई न होना बनी मुसीबत
विधायक ने टांगरी, मारकंडा और बेगना नदियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इनकी समय पर गाद निकालने से आसपास के क्षेत्र डूब जाते हैं। इससे पिछले वर्षों में किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को भारी नुकसान हुआ था। विधायक ने पिछली बाढ़ में हुए नुकसान के एवज में मिले नाममात्र मुआवजे पर भी नाराजगी जताई और इसे अपर्याप्त बताया। विधायक की मांग पर सदन में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने जवाब दिया कि आगामी मानसून से पहले व्यापक स्तर पर डिसिल्टिंग कार्य शुरू किया जाएगा। योजना के तहत टांगरी से 53.85 लाख, मारकंडा से 10.94 लाख और बेगना नदी से 0.60 लाख घन मीटर गाद निकाली जाएगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि टेंडर प्रक्रिया जारी है और 30 जून तक कार्य पूरा कर बाढ़ के खतरे को न्यूनतम कर दिया जाएगा।
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विधायक ने टांगरी, मारकंडा और बेगना नदियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इनकी समय पर गाद निकालने से आसपास के क्षेत्र डूब जाते हैं। इससे पिछले वर्षों में किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को भारी नुकसान हुआ था। विधायक ने पिछली बाढ़ में हुए नुकसान के एवज में मिले नाममात्र मुआवजे पर भी नाराजगी जताई और इसे अपर्याप्त बताया। विधायक की मांग पर सदन में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने जवाब दिया कि आगामी मानसून से पहले व्यापक स्तर पर डिसिल्टिंग कार्य शुरू किया जाएगा। योजना के तहत टांगरी से 53.85 लाख, मारकंडा से 10.94 लाख और बेगना नदी से 0.60 लाख घन मीटर गाद निकाली जाएगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि टेंडर प्रक्रिया जारी है और 30 जून तक कार्य पूरा कर बाढ़ के खतरे को न्यूनतम कर दिया जाएगा।
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