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Karnal News: नागरिक अस्पताल में नहीं अल्ट्रासाउंड मशीन, गर्भवती परेशान
Sat, 16 May 2026 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 16 May 2026 02:26 AM IST
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इंद्री नागरिक अस्पताल मेंअल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पहुंची गर्भवती महिलाएं। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण महिलाओं खासकर गर्भवतियों को इलाज के लिए परेशानी का सामना पड़ रहा है। हालांकि बीपीएल व आयुष्मान कार्ड वाली महिलाओं के लिए अस्पताल की ओर से एक निजी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र से तालमेल कर मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है लेकिन महिलाओं का कहना है कि गर्भावस्था में गांव से अस्पताल तक आना और फिर अल्ट्रासाउंड के लिए लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जाना बेहद कष्टकारी है।
खंड के 138 गांवों की करीब दो लाख आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों के पास जाना पड़ रहा है। उपचार के लिए अस्पताल आई महिलाओं ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगने से ग्रामीण महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
मरीजों का दर्द-
मैं सात माह की गर्भवती हूं। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है लेकिन यहां मशीन नहीं है। निजी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र जाना पड़ा। जहां घंटों इंतजार के बाद चेकअप हो सका
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- मोनिका, गांव कलसोरा
-- -
- मेरा पांच माह का गर्भ है लेकिन जांच के लिए बार-बार अस्पताल आना महंगा और जोखिम भरा पड़ रहा है। ग्रामीण स्तर पर ही अस्पताल में सुविधा हो तो परेशानी कम हो सकती है
- नंदो देवी, गांव खेड़ा
-- -
- गांव से इंद्री अस्पताल की दूरी चार किलोमीटर है। गर्भावस्था में अस्पताल आना और फिर अल्ट्रासाउंड के लिए जाना बहुत परेशानी भरा है। गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन होनी चाहिए।
- काजल, गांव गढ़ी गुजरान
-- -
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से बहुत दिक्कत होती है। जांच के लिए अकेली आई महिला के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। 138 गांवों के लिए यह अस्पताल एकमात्र सहारा है लेकिन अल्ट्रासाउंड जैसी बेसिक मशीन न होना शर्मनाक है।
सुनयना, चांदसमंद
वर्जन
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की कमी है जिसके कारण मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। निजी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र के साथ तालमेल कर मरीजों की मुफ्त जांच कराई रही है। शीघ्र अस्पताल के नजदीक एक नया अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र खुलने जा रहा है। अस्पताल में मशीन के आने तक नजदीक वाले जांच केंद्र के साथ टाईअप कर मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच कराई जाएगी।
- डाॅक्टर संदीप अबरोल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, इंद्री
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इंद्री। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण महिलाओं खासकर गर्भवतियों को इलाज के लिए परेशानी का सामना पड़ रहा है। हालांकि बीपीएल व आयुष्मान कार्ड वाली महिलाओं के लिए अस्पताल की ओर से एक निजी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र से तालमेल कर मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है लेकिन महिलाओं का कहना है कि गर्भावस्था में गांव से अस्पताल तक आना और फिर अल्ट्रासाउंड के लिए लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जाना बेहद कष्टकारी है।
खंड के 138 गांवों की करीब दो लाख आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों के पास जाना पड़ रहा है। उपचार के लिए अस्पताल आई महिलाओं ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगने से ग्रामीण महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
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मरीजों का दर्द-
मैं सात माह की गर्भवती हूं। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है लेकिन यहां मशीन नहीं है। निजी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र जाना पड़ा। जहां घंटों इंतजार के बाद चेकअप हो सका
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- मोनिका, गांव कलसोरा
- मेरा पांच माह का गर्भ है लेकिन जांच के लिए बार-बार अस्पताल आना महंगा और जोखिम भरा पड़ रहा है। ग्रामीण स्तर पर ही अस्पताल में सुविधा हो तो परेशानी कम हो सकती है
- नंदो देवी, गांव खेड़ा
- गांव से इंद्री अस्पताल की दूरी चार किलोमीटर है। गर्भावस्था में अस्पताल आना और फिर अल्ट्रासाउंड के लिए जाना बहुत परेशानी भरा है। गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन होनी चाहिए।
- काजल, गांव गढ़ी गुजरान
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से बहुत दिक्कत होती है। जांच के लिए अकेली आई महिला के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। 138 गांवों के लिए यह अस्पताल एकमात्र सहारा है लेकिन अल्ट्रासाउंड जैसी बेसिक मशीन न होना शर्मनाक है।
सुनयना, चांदसमंद
वर्जन
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की कमी है जिसके कारण मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। निजी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र के साथ तालमेल कर मरीजों की मुफ्त जांच कराई रही है। शीघ्र अस्पताल के नजदीक एक नया अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र खुलने जा रहा है। अस्पताल में मशीन के आने तक नजदीक वाले जांच केंद्र के साथ टाईअप कर मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच कराई जाएगी।
- डाॅक्टर संदीप अबरोल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, इंद्री