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Karnal News: करोड़ों रुपये से बने फुटपाथ की टाइलें उखड़ीं, गिरकर घायल हो रहे लोग
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सेक्टर 12 में टूटा हुआ फुटपाथ संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में सड़कों का जाल तो तेजी से फैल रहा है लेकिन इनके साथ बने फुटपाथों की हालत खराब होती जा रही है। करीब 700 किलोमीटर लंबी सड़कों वाले शहर में करीब 100 किलोमीटर क्षेत्र में ही फुटपाथ हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बने इन फुटपाथ पर अधिकांश जगहें टाइलें उखड़ चुकी हैं। इनको तोड़कर बीच में से रास्ते बना दिए गए हैं। कई जगह गड़ढे हो चुके हैं। गिरकर लोग घायल हो रहे हैं।
शहर की सबसे मुख्य सड़कों में से एक निर्मल कुटिया से लेकर सेक्टर 12-13 तक का फुटपाथ करीब 1200 मीटर में 18 से ज्यादा जगह टूटा पड़ा है। टाइलें गायब हो चुकी हैं। निर्मल कुटिया के सामने और जीटी रोड के बिल्कुल पास तो फुटपाथ बचा ही नहीं है। सेक्टर-13 वाली साइड फुटपाथ पर गाड़ियां चढ़ाने के लिए निर्माण करा लिया गया है।
नगर निगम से लेकर जिला सचिवालय के सामने वाले फुटपाथों का भी यही हाल है। कई जगह से फुटपाथ टूट चुका है। नगर निगम के ठीक सामने फुटपाथ सड़क और खाली मैदान के बिल्कुल समतल हो गया है। पैदल चलने वालों के लिए रास्ता ही नहीं बचा है।
600 रुपये वर्गमीटर तक आता है खर्च
नगर निगम की ओर से फुटपाथों के निर्माण पर 300 से 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक खर्च किया जाता है। खर्च अलग-अलग तकनीक और टाइलों पर निर्भर करता है। फुटपाथों की मरम्मत लंबित है। अतिक्रमण पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। कार्रवाई होती भी है तो कुछ दिनों बाद फिर से कब्जे हो जाते हैं।
वर्जन-
नगर निगम की ओर से अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई जारी है। इस सप्ताह भी सड़कों से अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाया गया है। निगम की ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। टूटे हुए फुटपाथों की भी जांच करवा मरम्मत कराई जाएगी। -अशोक कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त
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करनाल। शहर में सड़कों का जाल तो तेजी से फैल रहा है लेकिन इनके साथ बने फुटपाथों की हालत खराब होती जा रही है। करीब 700 किलोमीटर लंबी सड़कों वाले शहर में करीब 100 किलोमीटर क्षेत्र में ही फुटपाथ हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बने इन फुटपाथ पर अधिकांश जगहें टाइलें उखड़ चुकी हैं। इनको तोड़कर बीच में से रास्ते बना दिए गए हैं। कई जगह गड़ढे हो चुके हैं। गिरकर लोग घायल हो रहे हैं।
शहर की सबसे मुख्य सड़कों में से एक निर्मल कुटिया से लेकर सेक्टर 12-13 तक का फुटपाथ करीब 1200 मीटर में 18 से ज्यादा जगह टूटा पड़ा है। टाइलें गायब हो चुकी हैं। निर्मल कुटिया के सामने और जीटी रोड के बिल्कुल पास तो फुटपाथ बचा ही नहीं है। सेक्टर-13 वाली साइड फुटपाथ पर गाड़ियां चढ़ाने के लिए निर्माण करा लिया गया है।
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नगर निगम से लेकर जिला सचिवालय के सामने वाले फुटपाथों का भी यही हाल है। कई जगह से फुटपाथ टूट चुका है। नगर निगम के ठीक सामने फुटपाथ सड़क और खाली मैदान के बिल्कुल समतल हो गया है। पैदल चलने वालों के लिए रास्ता ही नहीं बचा है।
600 रुपये वर्गमीटर तक आता है खर्च
नगर निगम की ओर से फुटपाथों के निर्माण पर 300 से 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक खर्च किया जाता है। खर्च अलग-अलग तकनीक और टाइलों पर निर्भर करता है। फुटपाथों की मरम्मत लंबित है। अतिक्रमण पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। कार्रवाई होती भी है तो कुछ दिनों बाद फिर से कब्जे हो जाते हैं।
वर्जन-
नगर निगम की ओर से अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई जारी है। इस सप्ताह भी सड़कों से अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाया गया है। निगम की ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। टूटे हुए फुटपाथों की भी जांच करवा मरम्मत कराई जाएगी। -अशोक कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त