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2047 तक किसानों की आय चार गुना और 20 प्रतिशत भूमि पर जैविक खेती का लक्ष्य : कृषि मंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 09 Mar 2026 01:03 AM IST
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करनाल। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि वर्ष 2047 तक किसान की आय को चार गुना करने व कृषि योग्य भूमि में से 20 प्रतिशत पर जैविक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। वे रविवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं किसान एक्सपो 2026 के समापन व पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता किसानों को सम्मानित किया। साथ ही मेले में लगाई स्टॉलों का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी तथा अन्य सहायक गतिविधियों को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेले किसानों को नई तकनीक, बेहतर नस्ल के पशु और आधुनिक खेती के तरीकों से परिचित कराते हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव होती है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि पानी की बचत के लिए स्प्रिंकलर और आधुनिक सिंचाई प्रणाली अपनानी चाहिए।
किसानों को करनी होगी वैज्ञानिक तरीके से खेती
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जमीन सीमित है और आबादी लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करनी होगी। उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की लागत घटेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। माैके पर राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. आरके यादव, गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एनएच मोहन, नाबार्ड हरियाणा क्षेत्रीय के महाप्रबंधक गुरइकबाल सिंह, गुरु, संयुक्त निदेशक शिक्षा डॉ. एके सिंह ने भी अपने विचार रखे।
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उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी तथा अन्य सहायक गतिविधियों को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेले किसानों को नई तकनीक, बेहतर नस्ल के पशु और आधुनिक खेती के तरीकों से परिचित कराते हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव होती है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि पानी की बचत के लिए स्प्रिंकलर और आधुनिक सिंचाई प्रणाली अपनानी चाहिए।
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किसानों को करनी होगी वैज्ञानिक तरीके से खेती
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जमीन सीमित है और आबादी लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करनी होगी। उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की लागत घटेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। माैके पर राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. आरके यादव, गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एनएच मोहन, नाबार्ड हरियाणा क्षेत्रीय के महाप्रबंधक गुरइकबाल सिंह, गुरु, संयुक्त निदेशक शिक्षा डॉ. एके सिंह ने भी अपने विचार रखे।