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Karnal News: शहर में 14 दिन बाद लगी झाड़ू, गांवों में सफाई बंद
Sat, 16 May 2026 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 16 May 2026 02:33 AM IST
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जिला सचिवालय पर हड़ताल पर बैठे ग्रामीण सफाई कर्मचारी। संवाद
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पानीपत। निकाय विभाग के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के अगले दिन ही ग्रामीण सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित सीटू के आह्वान पर पूरे प्रदेश में 15 और 16 मई को हड़ताल रखने का फैसला लिया है। शुक्रवार को कर्मचारियों ने जिला सचिवालय के सामने धरना दिया।
कर्मचारियों ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करने और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 26 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने की मांग की है। अब ग्रामीण अंचल में सफाई नहीं हो पाई। सीटू जिला के सह संयोजक जयभगवान, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन जिला प्रधान सुल्तान सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करते हुए सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाएं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दो साल पहले वाल्मीकि जयंती पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन 26 हजार रुपये मासिक करने की घोषणा की थी। इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। ऐसे में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह ग्राम पंचायत सरपंच सफाई कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इसे बंद किया जाए और सफाई कर्मचारियों को उनका सम्मान लौटाया जाएं। इस मौके पर सचिव अशोक दुग्गल व कोषाध्यक्ष कुंवर सिंह मौजूद रहे।
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-- ये उठाई मांग
-सफाई के लिए सभी औजार उपलब्ध करवाए जाएं।
-ईएसआई-पीएफ में भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाएं।
-रिटायरमेंट बेनिफिट, सर्दी में गर्मी की वर्दी भते में बढ़ोतरी की जाएं।
शहर में सफाई सामान्य चली
नगर निगम और नगर परिषद समालखा के सफाई कर्मचारी शुक्रवार को काम पर लौट आए। इससे सफाई कार्य सामान्य रूप से चला। सफाई कर्मचारियों ने इस दौरान अपनी मांगों पर भी चर्चा की। प्रधान नरेश कुमार ने बताया कि नगर निगम के 484 कर्मचारी लगातार हड़ताल पर थे। इससे सफाई ठीक से नहीं हो पा रही थी। यूनियन ने अब हड़ताल वापस ले ली है। सभी कर्मचारी काम कर रहे हैं।
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कर्मचारियों ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करने और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 26 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने की मांग की है। अब ग्रामीण अंचल में सफाई नहीं हो पाई। सीटू जिला के सह संयोजक जयभगवान, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन जिला प्रधान सुल्तान सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करते हुए सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाएं।
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मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दो साल पहले वाल्मीकि जयंती पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन 26 हजार रुपये मासिक करने की घोषणा की थी। इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। ऐसे में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह ग्राम पंचायत सरपंच सफाई कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इसे बंद किया जाए और सफाई कर्मचारियों को उनका सम्मान लौटाया जाएं। इस मौके पर सचिव अशोक दुग्गल व कोषाध्यक्ष कुंवर सिंह मौजूद रहे।
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-सफाई के लिए सभी औजार उपलब्ध करवाए जाएं।
-ईएसआई-पीएफ में भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाएं।
-रिटायरमेंट बेनिफिट, सर्दी में गर्मी की वर्दी भते में बढ़ोतरी की जाएं।
शहर में सफाई सामान्य चली
नगर निगम और नगर परिषद समालखा के सफाई कर्मचारी शुक्रवार को काम पर लौट आए। इससे सफाई कार्य सामान्य रूप से चला। सफाई कर्मचारियों ने इस दौरान अपनी मांगों पर भी चर्चा की। प्रधान नरेश कुमार ने बताया कि नगर निगम के 484 कर्मचारी लगातार हड़ताल पर थे। इससे सफाई ठीक से नहीं हो पा रही थी। यूनियन ने अब हड़ताल वापस ले ली है। सभी कर्मचारी काम कर रहे हैं।