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Karnal News: कंपनी को खराब एसी की लौटानी होगी कीमत
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- शक्तिपुरम के अंकुश कंबोज ने अंबाला के बडाला से 39 हजार में खरीदा था ब्लू स्टार का एसी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शक्तिपुरम निवासी अंकुश कांबोज के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ब्लू स्टार कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता का खराब एयर कंडीशनर बदले या उसकी पूरी कीमत वापस करे। वहीं, उपभोक्ता को खराब एसी कंपनी को लाैटानी होगी। 45 दिनों के भीतर इन आदेशों का पालना करना होगा।
शक्तिपुरम निवासी अंकुश कंबोज ने 28 जुलाई 2020 को अंबाला के बराड़ा की राजा मार्केटिंग कंपनी से 39 हजार रुपये में एक ब्लू स्टार स्प्लिट एसी खरीदा था। खरीद के समय उन्हें कंपनी की तरफ से उत्पाद पर 12 महीने की वारंटी और कंप्रेसर पर 10 साल की गारंटी का आश्वासन दिया गया था। वर्ष 2021 की गर्मियों के सीजन में एसी के कंप्रेशर में पहली बार खराबी आई, कंपनी ने उसे ठीक कर दिया। इसके बावजूद एसी ने ठीक से काम नहीं किया। इसके बाद एसी में अगस्त 2023 में कंप्रेशर में दोबारा से खराबी आने पर कंपनी के इंजीनियर ने मरम्मत के लिए चार हजार रुपये वसूले। मई 2024 में एसी में फिर वही समस्या शुरू हो गई।
इस बार कंपनी का इंजीनियर एसी ले गया और आश्वासन दिया कि दो-तीन दिनों में कंप्रेसर बदलकर वापस लगा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ब्लू स्टार ने आयोग के समक्ष अपने बचाव में तर्क दिया कि एसी में कोई निर्माण दोष नहीं था, वह ठीक से काम कर रहा था। कंपनी ने यह भी दावा किया कि वारंटी की अवधि समाप्त हो चुकी है और शिकायतकर्ता ने किसी विशेषज्ञ की राय पेश नहीं की है। वहीं, विक्रेता राजा मार्केटिंग आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए, इसी कारण उसे एकतरफा घोषित कर दिया गया। आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों नीरू अग्रवाल व सर्वजीत कौर ने पाया कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए ई-मेल और दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि वारंटी अवधि के दौरान भी एसी में खराबी थी, जिसे ठीक नहीं किया जा सका।
45 दिनों के भीतर करना होगा आदेश का पालन
इसके अलावा कंपनी यह साबित करने में विफल रही कि कंप्रेशर पर 10 साल की वारंटी नहीं थी। कंपनी ने यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया कि उत्पाद में कोई निर्माण दोष नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने इसे कंपनी की सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी माना। अदालत ने ब्लू स्टार को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता का एसी उसी मूल्य के नए एसी से बदला जाए या पूरी कीमत 39 हजार रुपये वापस की जाए। शिकायतकर्ता को भी निर्देश दिया गया कि वह खराब एसी कंपनी को सौंप दे। वहीं कंपनी को इन आदेशों का पालन 45 दिनों के भीतर करना होगा।
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करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शक्तिपुरम निवासी अंकुश कांबोज के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ब्लू स्टार कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता का खराब एयर कंडीशनर बदले या उसकी पूरी कीमत वापस करे। वहीं, उपभोक्ता को खराब एसी कंपनी को लाैटानी होगी। 45 दिनों के भीतर इन आदेशों का पालना करना होगा।
शक्तिपुरम निवासी अंकुश कंबोज ने 28 जुलाई 2020 को अंबाला के बराड़ा की राजा मार्केटिंग कंपनी से 39 हजार रुपये में एक ब्लू स्टार स्प्लिट एसी खरीदा था। खरीद के समय उन्हें कंपनी की तरफ से उत्पाद पर 12 महीने की वारंटी और कंप्रेसर पर 10 साल की गारंटी का आश्वासन दिया गया था। वर्ष 2021 की गर्मियों के सीजन में एसी के कंप्रेशर में पहली बार खराबी आई, कंपनी ने उसे ठीक कर दिया। इसके बावजूद एसी ने ठीक से काम नहीं किया। इसके बाद एसी में अगस्त 2023 में कंप्रेशर में दोबारा से खराबी आने पर कंपनी के इंजीनियर ने मरम्मत के लिए चार हजार रुपये वसूले। मई 2024 में एसी में फिर वही समस्या शुरू हो गई।
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इस बार कंपनी का इंजीनियर एसी ले गया और आश्वासन दिया कि दो-तीन दिनों में कंप्रेसर बदलकर वापस लगा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ब्लू स्टार ने आयोग के समक्ष अपने बचाव में तर्क दिया कि एसी में कोई निर्माण दोष नहीं था, वह ठीक से काम कर रहा था। कंपनी ने यह भी दावा किया कि वारंटी की अवधि समाप्त हो चुकी है और शिकायतकर्ता ने किसी विशेषज्ञ की राय पेश नहीं की है। वहीं, विक्रेता राजा मार्केटिंग आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए, इसी कारण उसे एकतरफा घोषित कर दिया गया। आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों नीरू अग्रवाल व सर्वजीत कौर ने पाया कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए ई-मेल और दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि वारंटी अवधि के दौरान भी एसी में खराबी थी, जिसे ठीक नहीं किया जा सका।
45 दिनों के भीतर करना होगा आदेश का पालन
इसके अलावा कंपनी यह साबित करने में विफल रही कि कंप्रेशर पर 10 साल की वारंटी नहीं थी। कंपनी ने यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया कि उत्पाद में कोई निर्माण दोष नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने इसे कंपनी की सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी माना। अदालत ने ब्लू स्टार को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता का एसी उसी मूल्य के नए एसी से बदला जाए या पूरी कीमत 39 हजार रुपये वापस की जाए। शिकायतकर्ता को भी निर्देश दिया गया कि वह खराब एसी कंपनी को सौंप दे। वहीं कंपनी को इन आदेशों का पालन 45 दिनों के भीतर करना होगा।